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हाईवे पर गिरोह बनाकर लूटते थे बदमाश, 5 साल में 90 से ज्यादा केस; 18 आरोपी रडार पर, अब संपत्ति कुर्क करने की तैयारी

 
हाईवे पर गिरोह बनाकर लूटते थे बदमाश, 5 साल में 90 से ज्यादा केस; 18 आरोपी रडार पर, अब संपत्ति कुर्क करने की तैयारी

हाईवे पर गिरोह बनाकर लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले बदमाशों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि पिछले 5 साल में गिरोह से जुड़े बदमाशों के खिलाफ 90 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। अब पुलिस की नजर 18 आरोपियों पर है और उनकी अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्ति की जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामलों और आपराधिक रिकॉर्ड की समीक्षा की जा रही है। यदि जांच में अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति की पुष्टि होती है तो नियमानुसार उसे कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी।

हाईवे पर बनाते थे राहगीरों को निशाना

पुलिस के अनुसार, गिरोह से जुड़े बदमाश हाईवे और सुनसान रास्तों पर वाहन चालकों तथा राहगीरों को निशाना बनाते थे। आरोप है कि गिरोह के सदस्य पहले वारदात के लिए स्थान और समय तय करते थे और इसके बाद मौका देखकर लूटपाट करते थे।

वारदातों के बाद आरोपी अलग-अलग रास्तों से फरार हो जाते थे, जिससे पुलिस के लिए उन्हें पकड़ना चुनौतीपूर्ण रहता था।

पांच साल में 90 से ज्यादा मामले

जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह से जुड़े आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई। इसमें पिछले पांच साल के दौरान 90 से अधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है।

इन मामलों में लूट सहित अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े प्रकरण शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अब पुराने मामलों की भी समीक्षा कर रही है, ताकि गिरोह के पूरे नेटवर्क और सक्रिय सदस्यों की पहचान की जा सके।

18 आरोपी पुलिस के रडार पर

पुलिस ने ऐसे 18 आरोपियों को चिह्नित किया है, जिनकी गतिविधियों और संपत्ति की जांच की जा रही है। पुलिस इनके खिलाफ दर्ज मामलों, आपराधिक गतिविधियों और आर्थिक लेन-देन से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपियों ने अपराध के जरिए कितनी संपत्ति अर्जित की और वह संपत्ति किसके नाम पर है।

संपत्ति कुर्क करने की तैयारी

पुलिस अब आरोपियों की संपत्ति का रिकॉर्ड जुटा रही है। यदि जांच में यह सामने आता है कि संपत्ति आपराधिक गतिविधियों से अर्जित धन से बनाई गई है तो उसे संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कुर्क करने की कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस का उद्देश्य केवल आरोपियों को गिरफ्तार करना ही नहीं, बल्कि अपराध से अर्जित आर्थिक संसाधनों पर भी कार्रवाई करना है। इससे हाईवे पर सक्रिय आपराधिक गिरोहों पर अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल पुलिस 18 संदिग्ध आरोपियों की संपत्ति और आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।