गैस सिलेंडर लीकेज से घर में लगी भीषण आग, मासूम की मौत; भाई समेत माता-पिता झुलसे
गैस सिलेंडर में लीकेज के कारण एक घर में अचानक आग लग गई। हादसे में एक मासूम बच्चे की झुलसने से मौत हो गई, जबकि उसका भाई गंभीर रूप से झुलस गया। उसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। आग बुझाने और बच्चों को बचाने के प्रयास में माता-पिता भी झुलस गए। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
जानकारी के अनुसार घर में गैस सिलेंडर से अचानक गैस का रिसाव होने लगा। देखते ही देखते गैस ने आग पकड़ ली और घर के अंदर आग फैल गई। परिवार के लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही आग ने विकराल रूप ले लिया।
आग की चपेट में आए बच्चे
हादसे के समय घर में बच्चे मौजूद थे। आग की चपेट में आने से एक मासूम गंभीर रूप से झुलस गया। परिजन उसे उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
वहीं दूसरे बच्चे की हालत भी गंभीर बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए रेफर किया गया। हादसे में माता-पिता भी आग की चपेट में आकर घायल हो गए।
परिवार में मचा हड़कंप
घर में आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों ने आग बुझाने और परिवार के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। बाद में संबंधित टीम को सूचना दी गई।
आग पर काबू पाने के बाद घर के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई।
सिलेंडर लीकेज को बताया जा रहा कारण
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने की वजह गैस सिलेंडर से गैस का रिसाव बताया जा रहा है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस और संबंधित विभाग की टीम घटना की जांच कर रही है। घर में आग किस परिस्थिति में लगी और गैस लीकेज कैसे हुआ, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
सुरक्षा को लेकर सावधानी जरूरी
घटना ने एक बार फिर घरेलू गैस सिलेंडर के इस्तेमाल में सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है। गैस की गंध महसूस होने पर तुरंत रेगुलेटर बंद करना चाहिए और किसी भी तरह का बिजली का स्विच ऑन या ऑफ नहीं करना चाहिए। दरवाजे-खिड़कियां खोलकर गैस को बाहर निकलने देना चाहिए और जरूरत पड़ने पर तत्काल संबंधित आपात सेवा को सूचना देनी चाहिए।
हादसे में मासूम की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जबकि गंभीर रूप से घायल बच्चे और माता-पिता का इलाज जारी है।
