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बांसवाड़ा में बिजली चोरी पर बड़ी कार्रवाई: ऑडिट सेटलमेंट कैंप में 49 लाख की वसूली

 
बांसवाड़ा में बिजली चोरी पर बड़ी कार्रवाई: ऑडिट सेटलमेंट कैंप में 49 लाख की वसूली

राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में बिजली चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई सामने आई है। बिजली विभाग द्वारा आयोजित ऑडिट सेटलमेंट कैंप में कुल 49 लाख रुपये की वसूली की गई है। इस अभियान का उद्देश्य बिजली चोरी पर रोक लगाना और उपभोक्ताओं को बकाया राशि जमा कराने के लिए प्रेरित करना है।

जानकारी के अनुसार, बिजली विभाग ने विशेष ऑडिट और जांच अभियान चलाकर ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान की, जो लंबे समय से बिजली चोरी कर रहे थे या बिलों का भुगतान नहीं कर रहे थे। इसके बाद इन उपभोक्ताओं को नोटिस जारी कर सेटलमेंट कैंप में बुलाया गया, जहां मौके पर ही मामलों का निपटारा किया गया।

इस कैंप के दौरान बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने भाग लिया और बकाया राशि जमा कर अपने मामलों का समाधान कराया। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के कैंप से उपभोक्ताओं को राहत मिलती है, क्योंकि उन्हें जुर्माने और कानूनी कार्रवाई से बचने का अवसर मिलता है।

अधिकारियों ने बताया कि बिजली चोरी से न केवल विभाग को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि इससे ईमानदारी से बिल भरने वाले उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर ऐसे अभियान चलाए जाते हैं, ताकि व्यवस्था को पारदर्शी और बेहतर बनाया जा सके।

कैंप में बिजली चोरी के मामलों में जुर्माना लगाकर समझौता किया गया। कई उपभोक्ताओं ने मौके पर ही राशि जमा कर दी, जिससे विभाग को बड़ी वसूली हासिल हुई। विभाग का मानना है कि इस तरह की पहल से भविष्य में बिजली चोरी के मामलों में कमी आएगी।

बिजली विभाग ने चेतावनी भी दी है कि आगे भी अगर कोई व्यक्ति बिजली चोरी करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही नियमित जांच अभियान भी जारी रहेंगे।

स्थानीय प्रशासन ने इस अभियान को सफल बताते हुए कहा कि यह न केवल राजस्व बढ़ाने में मददगार है, बल्कि लोगों में जागरूकता भी बढ़ाता है। लोगों को यह समझाना जरूरी है कि बिजली चोरी एक अपराध है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

इस कार्रवाई के बाद विभाग अब अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के सेटलमेंट कैंप आयोजित करने की योजना बना रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा मामलों का समाधान किया जा सके और बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके।