मानवता की मिसाल: क्रेन की टक्कर से घायल महिला को रोडवेज ड्राइवर ने गोद में उठाकर पहुंचाया अस्पताल
सड़क पर मानवता को शर्मसार करने वाली घटनाओं के बीच एक रोडवेज ड्राइवर ने इंसानियत की मिसाल पेश की है। क्रेन की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुई स्कूटी सवार महिला को सड़क पर तड़पता देख रोडवेज बस चालक ने तुरंत बस रोक दी और बिना समय गंवाए घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
घटना उस समय हुई जब क्रेन की टक्कर से स्कूटी सवार महिला सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। आसपास मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे, लेकिन रोडवेज बस चालक ने हालात की गंभीरता को समझते हुए अपनी बस रोक दी। चालक ने सवारियों की सहमति से घायल महिला को बस में बैठाया और सीधे सरकारी अस्पताल की ओर रवाना हो गया।
अस्पताल पहुंचने पर भी ड्राइवर की मानवता यहीं नहीं रुकी। महिला की हालत गंभीर थी और वह ठीक से चल पाने की स्थिति में नहीं थी। ऐसे में रोडवेज ड्राइवर ने उसे गोद में उठाया और अस्पताल परिसर में दौड़ लगाते हुए इमरजेंसी वार्ड तक पहुंचाया। उसकी इस तत्परता से महिला को समय पर प्राथमिक उपचार मिल सका, जिससे उसकी जान बचाने में मदद मिली।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रोडवेज चालक ने न तो अपनी ड्यूटी की परवाह की और न ही बस के निर्धारित समय की। उसके लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता घायल महिला की जान बचाना था। बस में सवार यात्रियों ने भी चालक के इस फैसले का समर्थन किया और उसके मानवीय व्यवहार की सराहना की।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि घायल महिला को समय रहते अस्पताल पहुंचा दिया गया, जिससे उसकी हालत फिलहाल स्थिर है। डॉक्टरों के अनुसार यदि इलाज में थोड़ी भी देरी होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। महिला के परिजनों ने रोडवेज चालक का आभार जताते हुए उसे फरिश्ता बताया।
घटना की जानकारी फैलते ही रोडवेज विभाग और स्थानीय लोगों में भी चालक के इस कार्य की खूब प्रशंसा हो रही है। लोगों का कहना है कि आज के समय में जब सड़क हादसों में लोग मदद करने से कतराते हैं, ऐसे में यह घटना समाज के लिए प्रेरणादायक है।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि इंसानियत आज भी जिंदा है। रोडवेज ड्राइवर का यह कदम न केवल एक घायल महिला के लिए जीवन रक्षक बना, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे गया कि मुश्किल घड़ी में एक छोटा सा मानवीय कदम भी किसी की जान बचा सकता है।
