बांसवाड़ा में मासूम पर कुत्ते का हमला, चेहरे पर पांच टांके आए
बांसवाड़ा में घर के आंगन में खेल रहे दो साल के मासूम पर अचानक कुत्ते ने हमला कर दिया, जिससे बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। बच्चे के चेहरे पर चोटें आईं और उसके गाल पर पांच टांके लगे। हालांकि, इस हमले में बच्चे की आंख बच गई, जिससे परिवार को थोड़ी राहत मिली।
घटना रविवार को घर के आंगन में हुई, जब मासूम अपने माता-पिता की निगरानी में खेल रहा था। स्थानीय लोगों ने बताया कि अचानक कुत्ते ने बच्चे पर हमला कर दिया और बच्चे को गंभीर चोटें पहुंचाईं। आसपास के लोग तुरंत दौड़े और बच्चे को कुत्ते के चंगुल से बाहर निकाला।
परिवार ने बताया कि बच्चे को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे के गाल पर पांच टांके लगाए। बच्चे की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन उसकी निगरानी अभी भी जारी है। चिकित्सकों ने कहा कि हमले में आंख बचने के कारण बड़ी चोट टली, अन्यथा स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
स्थानीय लोग और पड़ोसी इस घटना से सकते में हैं। उन्होंने कहा कि कभी-कभी घर के आसपास भटकते हुए कुत्ते बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। उन्होंने माता-पिता से आग्रह किया कि छोटे बच्चों को खुले आंगन में अकेले न छोड़ें और आसपास के जानवरों के प्रति सतर्क रहें।
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों पर कुत्तों का हमला दुर्लभ नहीं है। यह आमतौर पर तब होता है जब कुत्ता डर या आतंक की स्थिति में होता है, या उसे किसी तरह का संक्रमण या मानसिक अस्थिरता होती है। उन्होंने कहा कि बच्चों को हमेशा बड़े लोगों की निगरानी में रहना चाहिए और घरेलू या भटकते जानवरों से दूरी बनाए रखनी चाहिए।
पुलिस ने बताया कि मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कुत्ते के मालिक या उसके जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है। यदि यह पाया जाता है कि कुत्ते का मालिक लापरवाही बरत रहा था, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
स्थानीय प्रशासन ने भी परिवार से संपर्क किया और बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने परिवार को सुरक्षा और जागरूकता के लिए सुझाव दिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि छोटे बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। घर के आंगन और आसपास के खुले क्षेत्रों में बच्चों की निगरानी के लिए माता-पिता और परिवार के सदस्यों को सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
इस प्रकार, बांसवाड़ा में दो साल के मासूम पर कुत्ते के हमले की घटना ने छोटे बच्चों की सुरक्षा और आसपास के जानवरों की देखभाल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार और प्रशासन की सतर्कता से बच्चे की जान और आंख बच सकी, लेकिन यह घटना भविष्य में जागरूक रहने की चेतावनी भी देती है।
