बांसवाड़ा में कॉलेज छात्रा ने आधार कार्ड में नाम न सुधरने से जहर पिया, गंभीर हालत में रेफर
जिले में गुरुवार को एक कॉलेज छात्रा ने आधार कार्ड में नाम सुधार न होने से परेशान होकर जहर पी लिया। घटना के बाद परिजन तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया।
जानकारी के अनुसार, छात्रा को लंबे समय से आधार कार्ड में नाम सुधार करवाने की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। बार-बार आवेदन और शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से वह मानसिक रूप से तनाव में थी।
घटना के समय परिवार ने छात्रा को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाकर उसकी जान बचाने की कोशिश की। चिकित्सकों ने बताया कि जहर लेने के कारण उसकी स्थिति गंभीर है और हायर सेंटर में विशेष उपचार की आवश्यकता है।
परिजन और ग्रामीण इस घटना से स्तब्ध हैं। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग से अपील की है कि आधार कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में सुधार की प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं केवल दस्तावेजों में समस्या के कारण नहीं होती, बल्कि युवाओं में मानसिक दबाव और तनाव भी बड़ी भूमिका निभाते हैं। इसलिए परिवार और समाज का सहयोग, साथ ही समय पर प्रशासनिक सहायता, ऐसी स्थितियों को रोकने में महत्वपूर्ण है।
अधिकारियों ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और महिला सुरक्षा विभाग को सूचित कर दिया गया है। वहीं, छात्रा के उपचार और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बांसवाड़ा में यह घटना नागरिकों और अधिकारियों के लिए चेतावनी है कि दस्तावेज सुधार प्रक्रिया में देरी या असमर्थता गंभीर परिणाम दे सकती है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी शिकायत या समस्या के समय वे संबंधित अधिकारियों से सीधे संपर्क करें और आवश्यक सहयोग प्राप्त करें।
घटना के बाद परिवार और प्रशासन दोनों ही मानसिक स्वास्थ्य और आपात स्थिति में त्वरित सहायता के महत्व पर जोर दे रहे हैं।
