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बांसवाड़ा नगर परिषद में BJP का बहुमत, सभापति चुनाव की तस्वीर साफ: 60 में 34 वार्ड जीते; बहुमत का आंकड़ा आसानी से पार

 
बांसवाड़ा नगर परिषद में BJP का बहुमत, सभापति चुनाव की तस्वीर साफ: 60 में 34 वार्ड जीते; बहुमत का आंकड़ा आसानी से पार

बांसवाड़ा नगर परिषद के सभापति पद के चुनाव को लेकर चल रही राजनीतिक सरगर्मी अब धीरे-धीरे शांत होती नजर आ रही है। नगर परिषद के 60 वार्डों के चुनाव परिणाम सामने आने के बाद सभापति चुनाव का गणित भी काफी हद तक स्पष्ट हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 34 वार्डों में जीत दर्ज कर नगर परिषद में स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। ऐसे में सभापति पद पर भाजपा के उम्मीदवार की दावेदारी को लेकर पार्टी के पास पर्याप्त संख्या बल मौजूद है।

नगर परिषद में कुल 60 वार्ड हैं। सभापति चुनाव में बहुमत के लिए 31 पार्षदों का समर्थन जरूरी होता है। भाजपा के पास 34 पार्षद होने से पार्टी बहुमत के आंकड़े से तीन सीट आगे है। चुनाव परिणाम के बाद अब पार्टी की ओर से सभापति पद के लिए चुने जाने वाले उम्मीदवार और पार्षदों के समर्थन को लेकर अंतिम प्रक्रिया पर नजर है।

60 में से 34 सीटों पर भाजपा की जीत

बांसवाड़ा नगर परिषद चुनाव में भाजपा ने 34 वार्डों में जीत दर्ज की है। इस परिणाम के साथ पार्टी ने 60 सदस्यीय परिषद में अपने दम पर बहुमत हासिल कर लिया है। बहुमत मिलने के बाद सभापति चुनाव में भाजपा के सामने संख्या बल की चुनौती काफी कम हो गई है।

दूसरी ओर विपक्षी दलों और निर्दलीय पार्षदों के पास मिलकर भी भाजपा के मुकाबले कम संख्या बल है। ऐसे में सभापति चुनाव में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में पार्टी के पार्षदों का एकजुट रहना महत्वपूर्ण होगा।

बहुमत का जादुई आंकड़ा 31

60 सदस्यीय नगर परिषद में बहुमत के लिए 31 पार्षदों की जरूरत है। भाजपा के पास 34 सीटें हैं, यानी बहुमत के आंकड़े से तीन अधिक। इसलिए भाजपा को सभापति चुनाव के लिए अन्य दलों या निर्दलीय पार्षदों के समर्थन पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी, बशर्ते उसके निर्वाचित पार्षद पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करें।

चुनाव परिणाम के बाद अब सभी की निगाहें भाजपा की ओर से सभापति पद के उम्मीदवार के नाम पर टिकी हैं। पार्टी स्तर पर उम्मीदवार को लेकर चर्चा और रायशुमारी की प्रक्रिया के बाद अंतिम नाम सामने आने की उम्मीद है।

सभापति पद के लिए बढ़ी दावेदारी

नगर परिषद में बहुमत मिलने के बाद भाजपा के भीतर सभापति पद को लेकर दावेदारों की सक्रियता भी बढ़ सकती है। पार्टी के निर्वाचित पार्षदों में से किसे सभापति पद की जिम्मेदारी दी जाएगी, इसे लेकर संगठन स्तर पर निर्णय लिया जाएगा।

सभापति के सामने शहर की सफाई, सड़क, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, नालियों और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर काम करने की जिम्मेदारी होगी। वहीं परिषद के विकास कार्यों और प्रशासनिक संचालन में भी सभापति की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

अब नाम और चुनाव प्रक्रिया पर नजर

भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद बांसवाड़ा नगर परिषद में सभापति चुनाव का गणित फिलहाल उसके पक्ष में दिखाई दे रहा है। हालांकि अंतिम स्थिति उम्मीदवार के नामांकन और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

अब राजनीतिक निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा सभापति पद के लिए किस पार्षद को अपना उम्मीदवार बनाती है और क्या पार्टी के सभी 34 पार्षद एकजुट होकर उसके पक्ष में मतदान करते हैं। सभापति चुनाव के साथ ही बांसवाड़ा नगर परिषद में नए बोर्ड के कामकाज की दिशा भी तय होगी।