बांसवाड़ा में दिशा की बैठक: कांग्रेस के तीनों विधायक गायब, बीजेपी ने किया निशाना
बांसवाड़ा जिले में सोमवार को हुई दिशा की बैठक राजनीतिक सुर्खियों में रही। बैठक में कांग्रेस के तीनों विधायक अर्जुन बामणिया, रमिला खड़िया और नानालाल निनामा मौजूद नहीं रहे। सूत्रों के अनुसार, ये विधायक मीटिंग हॉल के गेट तक आए, लेकिन बैठक में शामिल नहीं हुए।
इस पर बीजेपी के विधायक कैलाश मीणा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह घटना स्पष्ट रूप से कांग्रेस के जनाधार की कमजोरी को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि जब पार्टी के अपने विधायक ही बैठक में शामिल नहीं होते, तो इससे पार्टी की संगठनात्मक मजबूती और जनसंपर्क की स्थिति पर सवाल उठते हैं।
बैठक में राजनीतिक रणनीति, आगामी योजनाओं और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा हो रही थी। बीजेपी और अन्य दलों के प्रतिनिधियों ने इस अवसर का इस्तेमाल कांग्रेस की नाकामी और संगठनात्मक ढीलापन उजागर करने के लिए किया। कैलाश मीणा ने कहा कि भाजपा स्थानीय मुद्दों और जनप्रतिनिधियों के सक्रियता के मामले में आगे है।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के तीनों विधायक मीटिंग के दौरान किसी व्यक्तिगत या संगठनात्मक कारण से शामिल नहीं हुए। उनके गेट तक आने के बावजूद बैठक में प्रवेश न करना पार्टी के भीतर संगठनात्मक और सामूहिक निर्णयों में दरार का संकेत माना जा रहा है।
स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस घटना से कांग्रेस को जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच छवि प्रभावित होने का खतरा है। बैठक में नहीं शामिल होना राजनीतिक विरोधियों के लिए कांग्रेस की कमजोरी को उजागर करने का अवसर भी बन गया।
बीजेपी और अन्य दलों ने इस अवसर का फायदा उठाते हुए कहा कि स्थानीय जनता और विकास कार्यों में सक्रियता भाजपा की प्राथमिकता है, जबकि कांग्रेस इस मामले में पीछे रह गई है। इससे आगामी चुनावों में मतदाताओं के दृष्टिकोण पर भी असर पड़ सकता है।
बांसवाड़ा की यह बैठक और कांग्रेस के तीनों विधायकों की गैरमौजूदगी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से पार्टी के भीतर संगठनात्मक सुधार और एकजुटता की आवश्यकता और बढ़ जाती है।
इस बैठक के बाद अब कांग्रेस और अन्य दलों के लिए स्थानीय राजनीति में स्थिति को स्थिर करने और जनता के भरोसे को बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है।
