वार्ड 31 में चार महीने से जल संकट, गंदे पानी की समस्या से लोग परेशान, निजी टैंकर पर बढ़ा खर्च
शहर के Ward 31 क्षेत्र में पिछले करीब चार महीनों से पेयजल संकट और गंदे पानी की आपूर्ति ने स्थानीय लोगों का जीवन कठिन बना दिया है। स्थिति ऐसी हो गई है कि कई परिवारों को मजबूरी में रोजाना निजी टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं, जिससे उनका आर्थिक बोझ भी लगातार बढ़ रहा है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, क्षेत्र में नियमित और स्वच्छ पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। नलों से आने वाला पानी कई बार गंदा और दुर्गंधयुक्त होता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ गया है। मजबूरी में लोग लगभग 400 रुपये प्रतिदिन खर्च कर निजी टैंकर से पानी मंगवाने को विवश हैं।
जल संकट से परेशान वार्डवासियों ने समस्या के समाधान की मांग को लेकर जलदाय विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों ने नारेबाजी करते हुए गंदे पानी को बाल्टियों में भरकर अधिकारियों को दिखाया और विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। उनका आरोप है कि संबंधित विभाग केवल आश्वासन देता रहा, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। लोगों का कहना है कि स्वच्छ पेयजल हर नागरिक का मूल अधिकार है, लेकिन उन्हें इसके लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
इस मामले पर जलदाय विभाग के अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर समस्या के समाधान के लिए प्रयास करने की बात कही जा रही है।
कुल मिलाकर, वार्ड 31 में पेयजल संकट ने लोगों की दिनचर्या और स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित किया है, जबकि निवासी लगातार समाधान की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और जल्द राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
