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अलवर के अस्पतालों में सफाईकर्मियों की हड़ताल, समय पर सैलरी नहीं मिलने से नाराज कर्मचारी; वार्डों में फैला कचरा

 
अलवर के अस्पतालों में सफाईकर्मियों की हड़ताल, समय पर सैलरी नहीं मिलने से नाराज कर्मचारी; वार्डों में फैला कचरा

राजस्थान के अलवर जिले के अस्पतालों में सफाईकर्मियों की हड़ताल के चलते सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। समय पर वेतन नहीं मिलने से नाराज कर्मचारियों ने काम बंद कर विरोध जताया। सफाईकर्मियों के काम पर नहीं आने से अस्पतालों के वार्डों में कचरा बिखरा पड़ा है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अस्पतालों में सफाई व्यवस्था का सीधा संबंध मरीजों की सेहत और संक्रमण से बचाव से होता है। ऐसे में सफाईकर्मियों की हड़ताल के कारण साफ-सफाई प्रभावित होने से अस्पताल प्रशासन के सामने व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है।

समय पर वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों में नाराजगी

जानकारी के अनुसार, अस्पतालों में तैनात सफाईकर्मी समय पर वेतन नहीं मिलने से नाराज हैं। कर्मचारियों का कहना है कि नियमित रूप से काम करने के बावजूद उन्हें समय पर भुगतान नहीं हो रहा है। इसी समस्या को लेकर उन्होंने हड़ताल कर दी।

वेतन में देरी के कारण कर्मचारियों के सामने घरेलू खर्च और अन्य जरूरतों को पूरा करने में परेशानी आती है। कर्मचारियों की मांग है कि उनका बकाया वेतन समय पर दिया जाए और भविष्य में भुगतान में देरी नहीं हो। हालांकि, वेतन भुगतान में देरी की अवधि और संबंधित एजेंसी या विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।

अस्पतालों के वार्डों में फैला कचरा

सफाईकर्मियों के काम बंद करने का असर अस्पतालों की व्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। वार्डों और अन्य हिस्सों में कचरा जमा होने से मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

अस्पतालों में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कचरा निकलता है। सामान्य कचरे के साथ चिकित्सा से जुड़ा जैव-चिकित्सीय कचरा भी पैदा होता है, जिसका निर्धारित नियमों के अनुसार निस्तारण जरूरी है। सफाई व्यवस्था बाधित रहने पर संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए अस्पताल प्रशासन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करना जरूरी है।

मरीजों और परिजनों की बढ़ी परेशानी

अस्पताल में भर्ती मरीजों को साफ वातावरण की जरूरत होती है। वार्डों में कचरा जमा होने और सफाई नहीं होने से मरीजों के साथ आए परिजनों को भी परेशानी होती है। खासकर गंभीर मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों के वार्डों में स्वच्छता बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है।

ऐसे में कर्मचारियों की मांगों पर समय रहते बातचीत कर समाधान निकालना जरूरी है, ताकि अस्पतालों में इलाज और सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो।

समाधान के लिए बातचीत जरूरी

इस मामले में अस्पताल प्रशासन, संबंधित विभाग और सफाईकर्मियों के बीच बातचीत से समाधान निकलने की उम्मीद है। कर्मचारियों की वेतन संबंधी शिकायतों का निपटारा करने के साथ अस्पतालों में साफ-सफाई बनाए रखने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।

फिलहाल, हड़ताल कब तक जारी रहेगी और वेतन भुगतान को लेकर प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। अस्पतालों में स्वच्छता बनाए रखना और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करना दोनों ही जरूरी हैं।