अलवर जिले में वार्डों का पुनर्गठन: अब जिले में होंगे 39 वार्ड
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने अलवर जिले में जिला परिषद की वार्ड संरचना में बड़े पैमाने पर बदलाव किया है। विभाग की ओर से जारी किए गए आदेश के अनुसार, अब अलवर जिले में कुल 39 वार्ड होंगे। इससे पहले जिले में 49 वार्ड थे।
विभाग ने बताया कि पुराने अलवर जिले के कुछ हिस्से अब खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ जिले में शामिल कर दिए गए हैं। इस बदलाव के कारण जिले में वार्डों की संख्या में कमी आई है और जिला परिषद का पुनर्गठन किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और स्थानीय शासन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
जिला प्रशासन ने बताया कि नए पुनर्गठन के बाद वार्डों की सीमाओं में बदलाव किया गया है। अब प्रत्येक वार्ड का आकार और जनसंख्या संतुलित करने का प्रयास किया गया है, ताकि विकास और सेवा वितरण में समानता बनी रहे। इसके अलावा, यह सुनिश्चित किया गया है कि ग्रामीण क्षेत्र और शहरी क्षेत्र के प्रतिनिधित्व में उचित संतुलन रहे।
विशेषज्ञों के अनुसार, वार्डों का यह पुनर्गठन पंचायत चुनावों और स्थानीय विकास कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने में मदद करेगा। इससे न केवल प्रशासनिक कार्य में तेजी आएगी, बल्कि जनता को अपने वार्ड के प्रतिनिधियों तक पहुँचने में भी आसानी होगी।
जिला प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे अपने नए वार्ड और जिला परिषद प्रतिनिधि के बारे में जानकारी प्राप्त करें। साथ ही अधिकारियों ने कहा कि कोई भी बदलाव केवल प्रशासनिक सुविधा के लिए है और इसका उद्देश्य स्थानीय विकास कार्यों में सुधार करना है।
स्थानीय नेताओं और पंचायत सदस्यों ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पुराने वार्डों में जनसंख्या और क्षेत्रफल का असंतुलन विकास कार्यों में बाधा बन रहा था। नए पुनर्गठन से प्रत्येक वार्ड में समुचित संसाधनों का वितरण सुनिश्चित होगा और विकास योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचेगा।
अधिकारियों ने बताया कि वार्डों के इस पुनर्गठन के बाद भविष्य में होने वाले पंचायत चुनावों में उम्मीदवार और मतदाता अपने नए वार्डों के अनुसार मतदान करेंगे। यह कदम पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।
साथ ही विभाग ने कहा कि पुराने वार्डों के रिकॉर्ड और विकास योजनाओं को नए वार्डों में हस्तांतरित किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की व्यवधान की स्थिति न उत्पन्न हो।
अलवर जिले में वार्डों का यह पुनर्गठन ग्रामीण प्रशासन, विकास कार्यों और पंचायत चुनावों की सफलता के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इससे जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की प्रक्रिया तेज होगी और लोगों को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं मिल सकेंगी।
