रामगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो वाहन चोर गिरफ्तार; चोरी की बाइक के साथ अवैध हथियार और शराब बरामद
रामगढ़ में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है, जिससे एक संगठित आपराधिक नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी चोरी की गई मोटरसाइकिलें बेहद कम कीमत, यानी मात्र छह हजार रुपये में बेचते थे। हैरानी की बात यह रही कि इन चोरी की बाइकों के प्रमुख खरीदार शराब तस्कर निकले, जो इन वाहनों का उपयोग अवैध गतिविधियों में करते थे।
पुलिस के अनुसार, लंबे समय से क्षेत्र में हो रही बाइक चोरी की घटनाओं को देखते हुए एक विशेष टीम गठित की गई थी। जांच के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ में दोनों ने कई चोरी की वारदातों को स्वीकार किया और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं का भी खुलासा किया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की, जहां से बड़ी मात्रा में सामान बरामद हुआ। बरामद सामान में छह चोरी की मोटरसाइकिलें, एक देसी कट्टा, जिंदा कारतूस और कच्ची शराब शामिल है। इस बरामदगी ने पुलिस को इस पूरे गिरोह के आपराधिक गठजोड़ को समझने में मदद की है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह सिर्फ वाहन चोरी तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका संबंध अवैध शराब तस्करी और हथियारों की अवैध खरीद-फरोख्त से भी जुड़ा हुआ पाया गया है। चोरी की गई बाइकें कम कीमत पर तस्करों को बेची जाती थीं, जो इनका उपयोग पुलिस और आम जनता की नजर से बचने के लिए करते थे।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी कई समय से सक्रिय थे और अलग-अलग इलाकों से बाइक चोरी कर उन्हें सुनसान जगहों पर छिपाकर रखते थे। इसके बाद तयशुदा नेटवर्क के जरिए उन्हें आगे बेच दिया जाता था। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।
इस कार्रवाई को पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि इससे न केवल वाहन चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है, बल्कि अवैध हथियार और शराब तस्करी के नेटवर्क की भी जानकारी मिली है। अधिकारियों ने बताया कि आगे की जांच में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
स्थानीय पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने वाहनों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। पुलिस का कहना है कि ऐसे अपराधों पर पूरी सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी।
फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी की गई और कितनी गाड़ियां इस नेटवर्क के माध्यम से बेची गई हैं।
