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राजस्थान एसओजी का बड़ा कदम, SI भर्ती परीक्षा में नकल रोकने के लिए सूचना देने वालों को ₹1 लाख इनाम

 
राजस्थान एसओजी का बड़ा कदम, SI भर्ती परीक्षा में नकल रोकने के लिए सूचना देने वालों को ₹1 लाख इनाम

Rajasthan में सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने के लिए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने सख्त और अनोखा कदम उठाया है। परीक्षा में नकल करने या डमी अभ्यर्थियों से जुड़ी सूचना देने वालों को ₹1 लाख का इनाम देने की घोषणा की गई है।

एसओजी का कहना है कि इस बार परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनियमितता, पेपर लीक या डमी कैंडिडेट की व्यवस्था को पूरी तरह खत्म करने के लिए व्यापक स्तर पर निगरानी रखी जा रही है। यह कदम परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और ईमानदार अभ्यर्थियों का विश्वास बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

इस भर्ती परीक्षा का आयोजन 5 और 6 अप्रैल को Alwar में किया जाएगा, जहां कुल 64 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं।

परीक्षा के दौरान हर केंद्र पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी, जिसमें पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी और फ्लाइंग स्क्वॉड की सक्रिय भूमिका शामिल होगी। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाने और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

एसओजी अधिकारियों के अनुसार, नकल या फर्जीवाड़े की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि लोग बिना डर के सही जानकारी साझा कर सकें। यह व्यवस्था उन संगठित गिरोहों पर भी लगाम लगाने के लिए की गई है, जो भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने की कोशिश करते हैं।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि हाल के वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक के मामलों ने गंभीर चिंता पैदा की है। ऐसे में इस तरह की सख्त नीति से न केवल अपराधियों पर रोक लगेगी, बल्कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता भी मजबूत होगी।

प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या गलत जानकारी पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करें। साथ ही परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचने और सभी नियमों का पालन करने के लिए कहा गया है।

कुल मिलाकर, एसओजी का यह कदम भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और नकल माफिया पर शिकंजा कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।