अलवर में पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज, 390 ग्राम पंचायतों में सरपंच और 3586 पंचों के आरक्षण की लॉटरी
जिले में पंचायत चुनाव की तैयारियां अब तेज हो गई हैं। ग्राम पंचायतों और वार्ड पंचों के आरक्षण की लॉटरी निकालने की प्रक्रिया गुरुवार सुबह 11 बजे से शुरू हो गई। जिले की 11 पंचायत समितियों के तहत आने वाली 390 ग्राम पंचायतों में सरपंच पदों और 3 हजार 586 वार्ड पंचों के आरक्षण का निर्धारण लॉटरी के जरिए किया जाएगा।
आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी गतिविधियां भी बढ़ गई हैं। लंबे समय से पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों की नजर अब इस बात पर है कि उनकी ग्राम पंचायत का सरपंच पद और वार्ड पंच की सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित होती है।
390 ग्राम पंचायतों में तय होगा आरक्षण
अलवर जिले की 11 पंचायत समितियों के अंतर्गत आने वाली 390 ग्राम पंचायतों के सरपंच पदों के लिए आरक्षण निर्धारित किया जाएगा। इसके साथ ही 3586 वार्ड पंचों के पदों का भी आरक्षण तय होगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायतवार आरक्षण की स्थिति सामने आएगी।
आरक्षण में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के साथ महिलाओं के लिए आरक्षित पद भी शामिल होंगे। लॉटरी के बाद संबंधित पंचायतों में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की दावेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
संभावित उम्मीदवारों की बढ़ी हलचल
लॉटरी प्रक्रिया को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही लोगों की नजर बनी हुई है। कई संभावित उम्मीदवार और उनके समर्थक यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि इस बार उनकी ग्राम पंचायत में सरपंच पद किस श्रेणी के लिए आरक्षित होगा। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद चुनावी समीकरण भी बदल सकते हैं।
जिन ग्राम पंचायतों में सामान्य वर्ग के लिए पद आरक्षित होगा, वहां पहले से तैयारी कर रहे उम्मीदवार सक्रिय होंगे। वहीं महिला या किसी आरक्षित वर्ग के लिए सीट निर्धारित होने पर उसी वर्ग के संभावित उम्मीदवारों की दावेदारी सामने आएगी।
पंचायत चुनाव का रास्ता होगा साफ
अलवर में आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायत चुनाव की तैयारियों को और गति मिलेगी। सरपंच और वार्ड पंच पदों का आरक्षण तय होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
अब सभी की नजर लॉटरी के परिणाम और पंचायतवार आरक्षण सूची पर है। इसके बाद उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्र में चुनावी रणनीति और तैयारियों को अंतिम रूप दे सकेंगे।
