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सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर पति-पत्नी ने मजदूर से 7 लाख ठगे, अब तक 32 लाख की ठगी का आरोप

 
सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर पति-पत्नी ने मजदूर से 7 लाख ठगे, अब तक 32 लाख की ठगी का आरोप

जयपुर में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगी का एक और मामला सामने आया है। आरोप है कि रिटायर्ड पुलिसकर्मी के बेटे और बहू ने घर में काम करने आए एक मजदूर को भरोसे में लेकर उसके बेटे की दिल्ली पुलिस में नौकरी लगवाने का दावा किया और इसके बदले 7 लाख रुपये ले लिए। नौकरी नहीं लगने और रकम वापस नहीं मिलने पर पीड़ित ने वैशाली नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घर पर काम करने के दौरान दिया नौकरी का झांसा

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़ित पूरणमल बैरवा मकानों में टाइल लगाने का काम करता है। जनवरी 2023 में वह सिकंदरा निवासी एक मिस्त्री के साथ काम कर रहा था। इसी दौरान उसे आरोपी योगेश पारीक के सूर्यनगर स्थित मकान में टाइल लगाने का काम मिला। इसके बाद उसने आरोपी के शालीमार स्थित दूसरे मकान में भी करीब 15 दिन काम किया।

काम के दौरान आरोपी पति-पत्नी ने उससे कहा कि अगर उसके परिवार में कोई पढ़ा-लिखा बच्चा है तो वे उसकी सरकारी नौकरी लगवा सकते हैं। पीड़ित ने अपने बेटे राहुल के लिए नौकरी की बात की। इसके बाद कथित तौर पर दंपती ने दिल्ली पुलिस में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया।

ऑनलाइन और नकद लिए 7 लाख रुपये

पीड़ित का आरोप है कि उसने आरोपियों को अलग-अलग माध्यमों से रकम दी। उसके बैंक खाते से 1.85 लाख रुपये ऑनलाइन और 65 हजार रुपये चेक के जरिए दिए गए। इसके अलावा 3.50 लाख रुपये की व्यवस्था परिवार की ओर से की गई। दिल्ली पुलिस की परीक्षा से पहले आरोपी दंपती कथित तौर पर उसके घर पहुंचे और 3.50 लाख रुपये नकद लेकर गए।

इस तरह पीड़ित के मुताबिक कुल 7 लाख रुपये दिए गए। 24 नवंबर 2023 को आरोपी उसके बेटे राहुल को दिल्ली पुलिस की परीक्षा दिलाने के लिए जयपुर भी लेकर गए। आरोप है कि परीक्षा से पहले महिला ने राहुल से कहा कि पेपर में जितना आता है, उतना करना और बाकी वह संभाल लेगी। बाद में परीक्षा का रिजल्ट आया तो राहुल का चयन नहीं हुआ।

पैसे मांगने पर धमकाने का आरोप

नौकरी नहीं लगने के बाद पीड़ित ने कई बार आरोपी दंपती से रकम वापस मांगी। आरोप है कि दोनों लगातार टालमटोल करते रहे। करीब एक साल से अधिक समय बीतने के बाद 31 जुलाई 2026 को पीड़ित शालीमार स्थित उनके मकान पर पैसे मांगने पहुंचा।

पीड़ित का आरोप है कि इस दौरान उसका मोबाइल छीन लिया गया और उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की कोशिश की गई। उसने आरोप लगाया कि उसे और उसकी पत्नी को जातिसूचक शब्द कहे गए और पुलिस में फंसाने की धमकी दी गई। शिकायत के अनुसार, इसके बाद दोनों को वहां से भगा दिया गया।

पहले भी दर्ज हैं दो मामले

पुलिस के मुताबिक आरोपी योगेश पारीक और बिंदिया पारीक के खिलाफ सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर रकम लेने से जुड़े दो मामले पहले भी दर्ज हो चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 8 मई 2026 को वैशाली नगर थाने और 16 जून 2026 को कोतवाली थाने में मामले दर्ज हुए थे।

नए मामले को मिलाकर तीन मामलों में अब तक करीब 32 लाख रुपये की ठगी के आरोप सामने आए हैं। फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपों से जुड़े दस्तावेज, लेनदेन तथा अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।