Aapka Rajasthan

निकाय चुनाव में मजदूर से लेकर करोड़पति तक मैदान में, किसी के खाते में 2 हजार भी नहीं तो कोई करोड़ों का मालिक

 
निकाय चुनाव में मजदूर से लेकर करोड़पति तक मैदान में, किसी के खाते में 2 हजार भी नहीं तो कोई करोड़ों का मालिक

नगर निकाय चुनाव में इस बार उम्मीदवारों की तस्वीर काफी विविध नजर आ रही है। चुनावी मैदान में जहां मजदूर, हॉकर, छोटे दुकानदार और वकील जैसे आम लोग किस्मत आजमा रहे हैं, वहीं कुछ प्रत्याशी करोड़ों की संपत्ति वाले भी हैं।

उम्मीदवारों की ओर से दिए गए हलफनामों में उनकी आर्थिक स्थिति में बड़ा अंतर सामने आया है। किसी प्रत्याशी के बैंक खाते में महज कुछ हजार रुपए हैं तो किसी के पास करोड़ों की संपत्ति दर्ज है।

रोजमर्रा के काम करने वाले भी चुनावी मैदान में

इस बार चुनाव में ऐसे उम्मीदवार भी उतरे हैं, जो अपनी रोजी-रोटी के लिए मेहनत-मजदूरी करते हैं। इनमें मजदूर, ठेले-हॉकर, छोटे व्यापारी और दुकानदार शामिल हैं।

इन उम्मीदवारों का कहना है कि वे आम लोगों की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझते हैं और क्षेत्र के विकास के लिए चुनाव लड़ रहे हैं।

वकील और प्रॉपर्टी डीलर भी आजमा रहे किस्मत

निकाय चुनाव में पेशेवर वर्ग की भागीदारी भी देखने को मिल रही है। कई वार्डों से वकील, कारोबारी और प्रॉपर्टी डीलर चुनाव मैदान में हैं।

कुछ उम्मीदवार आर्थिक रूप से मजबूत हैं और उनके पास जमीन-जायदाद समेत करोड़ों की संपत्ति दर्ज है।

महिलाओं की भी मजबूत भागीदारी

इस बार चुनावी मैदान में बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवार भी उतरी हैं। कई महिलाएं पहली बार चुनाव लड़ रही हैं और क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मतदाताओं के बीच पहुंच रही हैं।

महिला प्रत्याशी विकास, सफाई, पानी, सड़क और सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर जनता से समर्थन मांग रही हैं।

संपत्ति में दिखा बड़ा अंतर

उम्मीदवारों के शपथ पत्रों में संपत्ति को लेकर काफी अंतर सामने आया है। जहां कुछ प्रत्याशियों के पास सीमित संसाधन हैं, वहीं कुछ उम्मीदवार करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं।

निकाय चुनाव में यह विविधता इस बात को दिखाती है कि स्थानीय राजनीति में अब अलग-अलग वर्गों के लोग अपनी भागीदारी बढ़ा रहे हैं।

अब फैसला मतदाताओं के हाथ में है कि वे अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए किस उम्मीदवार पर भरोसा जताते हैं।