अलवर में बकरीद धूमधाम से मनाई गई, ईदगाहों में जुटे लोग कर रहे अमन और खुशहाली की दुआ
राजस्थान के अलवर जिले में बकरीद का त्योहार शुक्रवार को श्रद्धा और अकीदत के साथ मनाया गया। मुस्लिम समाज के लोग सुबह-सुबह ईदगाहों और मस्जिदों में पहुंचे और दो रकअत नमाज अदा की। इस दौरान देश और दुनिया में अमन, चैन और खुशहाली की दुआ मांगी गई।
शहर में तेज धूप और गर्मी को देखते हुए अलग-अलग ईदगाहों पर नमाज का समय सुबह जल्दी रखा गया, ताकि लोग सुरक्षित और आरामदायक तरीके से नमाज अदा कर सकें। स्थानीय प्रशासन ने भी यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखा ताकि बड़े पैमाने पर लोग सुरक्षित रूप से नमाज अदा कर सकें।
ईदगाहों में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और आपसी भाईचारे का संदेश भी दिया। नमाज अदा करने के बाद लोग एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद देते नजर आए। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ लोगों ने विशेष तौर पर अमन और भाईचारे पर जोर दिया और युवा पीढ़ी को भी समाज में सहिष्णुता और एकता बनाए रखने की हिदायत दी।
स्थानीय व्यापारियों ने भी इस मौके पर शहर में ईदगाहों के आसपास मिठाइयों और आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था की। बकरीद पर पारंपरिक तरीके से जानवरों की कुर्बानी दी गई और मांस गरीब और जरूरतमंद लोगों में वितरित किया गया। इस परंपरा ने समाज में आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना को और मजबूत किया।
इस साल अलवर में बकरीद के मौके पर साफ-सुथरी और व्यवस्थित व्यवस्था की गई। प्रशासन ने स्वास्थ्य और सुरक्षा के मानकों का पालन कराते हुए लोगों की सुविधा सुनिश्चित की। खासकर बुजुर्ग और बच्चे गर्मी से प्रभावित न हों, इसके लिए विशेष इंतजाम किए गए।
स्थानीय निवासी सलीम अहमद ने कहा, “बकरीद का त्योहार न केवल हमारी धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना को भी मजबूत करता है। लोग एक-दूसरे को मुबारकबाद देने और जरूरतमंदों की मदद करने में आगे आते हैं।”
इस प्रकार अलवर में बकरीद का पर्व न केवल धार्मिक रूप से बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। लोगों ने अमन और खुशहाली की दुआ करते हुए यह संदेश दिया कि त्योहार केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज में एकता और सहयोग का माध्यम भी है।
