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Alwar पांडुपोल हनुमानजी का मेला 10 को और भर्तृहरि का मेला 11 को

 
Alwar पांडुपोल हनुमानजी का मेला 10 को और भर्तृहरि का मेला 11 को

अलवर न्यूज़ डेस्क, अलवर भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष के प्रथम मंगलवार को लगने वाला पांडुपोल हनुमानजी महाराज का मेला इस बार 10 सितंबर को है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी पर 11 सितंबर को लोक देवता भर्तृहरि का मेला लगेगा। दोनों दिन घरों में ज्योत के दर्शन होंगे। पांडुपोल हनुमानजी महाराज मेले के अवसर पर हनुमान मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। कलेक्टर अर्तिका शुक्ला ने पांडुपोल हनुमान मेले पर 10 सितंबर को स्थानीय अवकाश घोषित किया है।  पांडुपोल हनुमान महाराज और भर्तृहरि का मेला 9 से 12 सितंबर तक चलेगा। मेला संयोजक पदमचंद गुर्जर ने बताया कि मंगलवार सुबह 9 बजे पांडुपोल हनुमान महाराज मेले का उद्घाटन केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव तथा सुबह 10.30 बजे भर्तृहरि मेले का उद्घाटन करेंगे। विशिष्ट अतिथि वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, जिला प्रमुख बलबीर छिल्लर, अलवर सरस डेयरी चेयरमैन विश्राम गुर्जर तथा मालाखेड़ा पंचायत समिति प्रधान वीरवती होंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता माधोगढ़ सरपंच सुशीला देवी करेंगी।

भर्तृहरि व पांडुपोल मेले में जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोडवेज सोमवार सुबह 7 से 12 सितंबर तक 24 घंटे भर्तृहरि व उमरी तिराहा (पांडुपोल) के लिए 111 बसें चलाएगा। मत्स्य नगर डिपो की मुख्य प्रबंधक सपना मीना ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए बस स्टैंड पर मेले के लिए अलग से टिकट खिड़की व कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर 0144-2338285 है। भर्तृहरि तिराहा से अलवर की ओर 300 मीटर की दूरी पर अस्थाई बस स्टैण्ड बनाया गया है। पाण्डुपोल स्थित उमरी तिराहा पर बस स्टैण्ड बनाया गया है।

पाण्डुपोल जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलवर के साथ-साथ सरिस्का गेट से भी बसें चलेंगी। अलवर से भर्तृहरि तक 20, अलवर से उमरी तिराहा (पाण्डुपोल) तक 30 तथा सरिस्का से उमरी तिराहा (पाण्डुपोल) तक 30 बसों की व्यवस्था की गई है। उधर, अलवर आगार के मुख्य प्रबंधक पवन कटारा ने बताया कि भर्तृहरि मेले में जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सिकंदरा से 8, महुआ से 6 तथा राजगढ़ से 4 बसों की व्यवस्था की गई है।पाण्डुपोल मेले में जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए राजगढ़ से 3, टहला से 6 तथा सिकंदरा से 4 बसों की व्यवस्था की जाएगी। मेले के दौरान अलवर से भर्तृहरि तक का किराया 20 रुपए, अलवर से उमरी तिराहा (पांडूपोल) तक का किराया 45 रुपए, सरिस्का गेट से उमरी तिराहा तक का किराया 10 रुपए रहेगा। वहीं लोक देवता भर्तृहरि के दर्शन के लिए रविवार को हजारों श्रद्धालु वाहनों से पहुंचे। भर्तृहरि तिराहा से मंदिर तक जाम की स्थिति रही। हजारों श्रद्धालु जाम में फंसे रहे। शाम पांच बजे तक यही स्थिति रही। लोक देवता भर्तृहरि बाबा।