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अलवर नगर निगम चुनाव: 65 वार्डों में 344 प्रत्याशी मैदान में, 199 निर्दलीयों को लॉटरी से मिलेगा चुनाव चिन्ह

 
अलवर नगर निगम चुनाव: 65 वार्डों में 344 प्रत्याशी मैदान में, 199 निर्दलीयों को लॉटरी से मिलेगा चुनाव चिन्ह

नगर निगम चुनाव में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशियों के बीच प्रचार की तैयारी शुरू हो गई है। अलवर नगर निगम के 65 वार्डों में कुल 344 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस और अन्य राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रत्याशी शामिल हैं। इन दलों से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को उनका चुनाव चिन्ह पहले से ही मालूम है। लेकिन निर्दलीय प्रत्याशियों के लिए चुनाव चिन्ह का फैसला अलग तरीके से होगा। करीब 199 निर्दलीय उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह लॉटरी के जरिए आवंटित किए जाएंगे। इसके लिए मिनी सचिवालय में प्रक्रिया आयोजित की जाएगी।

199 निर्दलीयों के लिए लॉटरी से होगा फैसला

निर्दलीय प्रत्याशियों के सामने अब सबसे बड़ी उत्सुकता अपने चुनाव चिन्ह को लेकर है। राजनीतिक दलों के उम्मीदवार जहां पार्टी के निर्धारित चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ेंगे, वहीं निर्दलीयों को उपलब्ध चुनाव चिन्हों में से चिन्ह आवंटित किया जाएगा।करीब 199 निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच चुनाव चिन्ह आवंटित करने के लिए लॉटरी की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके बाद प्रत्येक प्रत्याशी को यह स्पष्ट हो जाएगा कि वह किस चुनाव चिन्ह के साथ मतदाताओं के बीच जाएगा।

65 वार्डों में 344 प्रत्याशी

अलवर नगर निगम के 65 वार्डों में कुल 344 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। यानी कई वार्डों में मुकाबला सीधा न होकर बहुकोणीय होने की संभावना है।BJP और कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के अलावा निर्दलीय उम्मीदवारों की बड़ी संख्या चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकती है। कुछ वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी प्रमुख दलों के उम्मीदवारों के लिए चुनौती बन सकते हैं।

पार्टी प्रत्याशियों को पहले से पता चुनाव चिन्ह

BJP, कांग्रेस सहित अन्य राष्ट्रीय दलों के उम्मीदवारों को पार्टी का निर्धारित चुनाव चिन्ह ही मिलेगा। इसलिए उन्हें इसके लिए किसी अलग प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना है।पार्टी प्रत्याशी अपने चुनाव चिन्ह के साथ प्रचार अभियान शुरू कर सकेंगे। वहीं निर्दलीय उम्मीदवारों को लॉटरी के बाद अपने नए चुनाव चिन्ह को मतदाताओं तक पहुंचाने की तैयारी करनी होगी।

चुनाव चिन्ह बनेंगे प्रचार का अहम हिस्सा

स्थानीय निकाय चुनाव में चुनाव चिन्ह की अहम भूमिका होती है। प्रत्याशी घर-घर जाकर मतदाताओं को अपने नाम और चुनाव चिन्ह की जानकारी देते हैं। खासतौर पर निर्दलीय उम्मीदवारों के लिए यह और महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि उनके पीछे किसी पार्टी का स्थापित चुनाव चिन्ह नहीं होता।लॉटरी में मिलने वाला चिन्ह ही उनकी चुनावी पहचान बनेगा और इसी के आधार पर मतदाता उन्हें ईवीएम या मतपत्र पर पहचान सकेंगे।

अब तेज होगा चुनाव प्रचार

चुनाव चिन्ह आवंटन के बाद अलवर नगर निगम चुनाव का प्रचार अभियान और तेज होने की उम्मीद है। उम्मीदवार अपने-अपने वार्ड में जनसंपर्क, बैठकें और प्रचार अभियान शुरू करेंगे।65 वार्डों में 344 प्रत्याशियों की मौजूदगी और करीब 199 निर्दलीयों के मैदान में होने से इस बार कई वार्डों में मुकाबला बेहद रोचक रहने वाला है।अब नजर इस बात पर होगी कि लॉटरी में किस निर्दलीय प्रत्याशी को कौन सा चुनाव चिन्ह मिलता है और क्या वे प्रमुख दलों के उम्मीदवारों के सामने मजबूत चुनौती पेश कर पाते हैं।