राज्य सरकार की पंच गौरव योजना के तहत वन विभाग ने नीम के पेड़ों की QR कोडिंग की नई पहल शुरू की
राजस्थान में राज्य सरकार की पंच गौरव योजना के तहत वन विभाग ने एक नई पहल शुरू की है। इस योजना के अंतर्गत जिलेभर में नीम के पेड़ों की QR कोडिंग की जाएगी। इसका उद्देश्य न केवल पेड़ों की सुरक्षा और निगरानी को आसान बनाना है, बल्कि आम जनता को भी इसमें भागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जोड़ना है।
वन विभाग ने इसके लिए एक विशेष QR कोड जारी किया है। विभाग का कहना है कि कोई भी नागरिक आसपास के बड़े नीम के पेड़ की जानकारी दे सकता है। इसमें पेड़ का नाम, पता और मोबाइल नंबर जैसी बुनियादी जानकारी शामिल होगी। इस पहल के जरिए न केवल सरकारी स्तर पर वृक्षों का रिकॉर्ड तैयार होगा, बल्कि लोगों में पेड़ों के महत्व और उनकी सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
QR कोड की मदद से आमजन और वन विभाग दोनों ही किसी पेड़ की स्थिति, उसकी उम्र, स्वास्थ्य और संरक्षण से जुड़ी जानकारियों को डिजिटल रूप से ट्रैक कर सकेंगे। वन विभाग अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से पेड़ों की नियमित निगरानी और संरक्षण आसान हो जाएगा। किसी भी पेड़ को नुकसान पहुंचाने या उसकी कटाई के मामलों में तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे सक्रिय रूप से इस पहल में भाग लें। उन्होंने बताया कि QR कोड को स्कैन करने के बाद दी गई जानकारी तुरंत वन विभाग के डेटाबेस में अपडेट हो जाएगी। इसके बाद विभाग संबंधित पेड़ों की देखभाल, टीकाकरण और आवश्यक देखरेख सुनिश्चित करेगा।
नीम के पेड़ को स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पेड़ न केवल गर्मियों में छाया प्रदान करता है, बल्कि इसकी छाल, पत्तियां और फल औषधीय गुणों से भी भरपूर होते हैं। इसके अलावा, नीम का पेड़ पर्यावरण को शुद्ध रखने में भी मदद करता है और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखता है। वन विभाग की इस पहल से नीम के पेड़ों की सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी जनता की भागीदारी बढ़ेगी।
राज्य सरकार की पंच गौरव योजना का उद्देश्य केवल पेड़ लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि मौजूदा और पुराने वृक्षों की सुरक्षा और संरक्षण भी है। QR कोडिंग के माध्यम से पेड़ों के रख-रखाव और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखना आसान होगा। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल राज्य में डिजिटल वन प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इस पहल के माध्यम से आमजन और वन विभाग के बीच एक मजबूत संपर्क स्थापित होगा। लोग अपने इलाके के नीम के पेड़ों की स्थिति की जानकारी देंगे और विभाग उन पेड़ों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा। यह योजना न केवल पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि लोगों में पेड़ों और हरियाली के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करेगी।
वन विभाग ने यह भी बताया कि इस QR कोडिंग पहल का पहला चरण जल्द ही पूरे जिले में शुरू किया जाएगा। आने वाले महीनों में इसे अन्य जिलों में भी विस्तार दिया जाएगा। अधिकारी यह उम्मीद जताते हैं कि जनता की सक्रिय भागीदारी से इस पहल को सफलता मिलेगी और नीम के पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
