रेवेन्यू बोर्ड पहुंचे मुख्य सचिव, बोले- भ्रष्ट अफसरों पर हो कार्रवाई, राजस्व मामलों की समीक्षा कर दिए जरूरी निर्देश
राजस्थान के मुख्य सचिव गुरुवार को रेवेन्यू बोर्ड पहुंचे, जहां उन्होंने राजस्व विभाग से जुड़े मामलों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को लंबित राजस्व प्रकरणों के जल्द निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
मुख्य सचिव के रेवेन्यू बोर्ड पहुंचने पर अधिकारियों ने विभिन्न राजस्व मामलों और विभागीय कामकाज की जानकारी दी। बैठक में लंबित प्रकरणों, राजस्व न्यायालयों में चल रहे मामलों और आम लोगों से जुड़े राजस्व कार्यों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मामलों के निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने राजस्व मामलों में समयबद्ध कार्रवाई पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आम लोगों को राजस्व संबंधी काम के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें, इसके लिए प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाए। लंबित मामलों की नियमित निगरानी करने और निर्धारित समय सीमा में उनका निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य सचिव ने भ्रष्टाचार को लेकर भी अधिकारियों को सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायत या अनियमितता सामने आती है तो उसकी गंभीरता से जांच की जाए। दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने विभागीय कामकाज में पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर दिया।
बैठक में राजस्व विभाग से संबंधित विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने विभाग की प्रगति और मौजूदा स्थिति की जानकारी मुख्य सचिव के सामने रखी। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व प्रशासन से जुड़े कामों में गुणवत्ता और गति दोनों पर ध्यान दिया जाए।
रेवेन्यू बोर्ड में हुई इस समीक्षा बैठक को राजस्व प्रशासन की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि आमजन से सीधे जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। साथ ही नियमों की अनदेखी और लापरवाही करने वालों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव के निर्देशों के बाद अब राजस्व विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। लंबित प्रकरणों की निगरानी और भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर विभागीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
