अजमेर में सहारा के 2,700 करोड़ रुपये अटके, निवेशकों में आक्रोश; पैसा लौटाने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
राजस्थान के अजमेर जिले में सहारा इंडिया में निवेश करने वाले लोगों की रकम वापस नहीं मिलने का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। अपनी जमा पूंजी की वापसी का इंतजार कर रहे निवेशकों में नाराजगी है। भुगतान की मांग को लेकर निवेशकों ने जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और प्रशासन के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाई।
निवेशकों का कहना है कि लंबे समय से अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। भुगतान प्रक्रिया में देरी और दावों के निस्तारण को लेकर लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने लंबित भुगतान जल्द जारी करने और निवेशकों की समस्याओं का समाधान करने की मांग उठाई।
2,700 करोड़ रुपये अटके होने का दावा
अजमेर जिले में सहारा निवेशकों की करीब 2,700 करोड़ रुपये की रकम अटकी होने का दावा किया गया है। हालांकि, इस राशि की जिला स्तर पर स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 20 जनवरी 2026 तक राजस्थान में CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल पर जमा दावों की कुल राशि 9,336.48 करोड़ रुपये थी। इनमें से 604.44 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका था।ये आंकड़े पूरे राजस्थान के हैं, केवल अजमेर जिले के नहीं। ऐसे में अजमेर में निवेशकों की वास्तविक बकाया राशि का आकलन करने के लिए जिलेवार आधिकारिक आंकड़ों की जरूरत होगी।
कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर उठाई भुगतान की मांग
सहारा इंडिया संघर्ष समिति से जुड़े निवेशकों ने भुगतान में हो रही देरी को लेकर प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखीं। इससे पहले 25 सितंबर 2026 को भी निवेशकों ने अजमेर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था। समिति का आरोप था कि ज्ञापन देने के बाद भी उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसी के विरोध में 27 अक्टूबर को दोबारा सांकेतिक धरना देने और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम रखा गया।
रिफंड पोर्टल की समस्याएं दूर करने की मांग
निवेशकों की प्रमुख मांगों में रिफंड पोर्टल पर आवेदन में बताई जाने वाली कमियों का समाधान, लंबित दावों का निस्तारण और पात्र जमाकर्ताओं को जल्द भुगतान करना शामिल है। इसके साथ ही सहारा की विभिन्न योजनाओं में जमा रकम और मृत्यु दावा राशि का भुगतान करने की मांग भी उठाई गई है।
कई निवेशकों को आवेदन में दस्तावेजों की कमी या अन्य विसंगतियों के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में संबंधित पोर्टल पर बताई गई कमियों को दूर करके दोबारा दावा जमा करने की सुविधा उपलब्ध है।
निवेशक आधिकारिक पोर्टल पर जांचें आवेदन की स्थिति
सहारा की पात्र सहकारी समितियों में जमा रकम की वापसी के लिए केंद्र सरकार ने CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल शुरू किया है। निवेशक अपने आवेदन और दावे की स्थिति यहां देख सकते हैं।
आधिकारिक वेबसाइट: https://mocrefund.crcs.gov.in
केंद्र सरकार के अनुसार, रिफंड प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत जारी है और भुगतान पात्रता तथा सत्यापित दावों के आधार पर किया जाता है। निवेशकों को सलाह है कि वे आवेदन की स्थिति जांचें और किसी भी अनजान व्यक्ति को रिफंड दिलाने के नाम पर पैसे न दें।निवेशकों की मांग है कि उनकी जमा पूंजी लौटाने की प्रक्रिया तेज की जाए, लंबित दावों का पारदर्शी तरीके से निस्तारण हो और उन्हें भुगतान की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाए।
