Aapka Rajasthan

अजमेर में एडीए की मल्टीस्टोरी बिल्डिंग पर उठे सवाल, नाले का बफर जोन नहीं छोड़ने पर जांच के आदेश के संकेत

 
अजमेर में एडीए की मल्टीस्टोरी बिल्डिंग पर उठे सवाल, नाले का बफर जोन नहीं छोड़ने पर जांच के आदेश के संकेत

अजमेर दौरे पर पहुंचे नगरीय विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (IAS) आलोक गुप्ता ने अजमेर विकास प्राधिकरण (ADA) की हाल ही में करोड़ों रुपये की लागत से बनी मल्टीस्टोरी बिल्डिंग को लेकर गंभीर टिप्पणी की है। उन्होंने निर्माण में नाले के बफर जोन को लेकर नियमों के पालन पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच की बात कही है।

जानकारी के अनुसार, यह मल्टीस्टोरी बिल्डिंग हाल ही में एडीए द्वारा तैयार की गई है और इसे आधुनिक प्रशासनिक सुविधाओं से लैस बताया जा रहा है। लेकिन स्थानीय स्तर पर सामने आई शिकायतों और निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि निर्माण में नाले के लिए निर्धारित बफर जोन को पर्याप्त रूप से नहीं छोड़ा गया है।

नगरीय विकास विभाग के एसीएस आलोक गुप्ता ने मौके का निरीक्षण करने के बाद स्पष्ट संकेत दिए कि यदि निर्माण नियमों और मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों और निर्माण प्रक्रिया की विस्तृत जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि शहरी विकास परियोजनाओं में पर्यावरणीय और जल निकासी मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक है, और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक, बफर जोन से संबंधित नियमों का उद्देश्य नाले के आसपास सुरक्षित क्षेत्र सुनिश्चित करना होता है, ताकि जल प्रवाह, रखरखाव और आपदा प्रबंधन में किसी तरह की बाधा न आए। इस तरह के क्षेत्रों में निर्माण कार्य को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश तय होते हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य माना जाता है।

इस मामले के सामने आने के बाद अब एडीए की इस परियोजना पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है कि क्या निर्माण के दौरान नियमों की अनदेखी की गई है या फिर मंजूरी प्रक्रिया में कोई चूक हुई है।

अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में नियम उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो आगे की कार्रवाई तय की जाएगी और जिम्मेदारी भी तय हो सकती है।

वहीं, इस पूरे मामले ने शहरी विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता और मानकों के पालन को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजरें इस जांच पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि निर्माण प्रक्रिया में वास्तव में कोई अनियमितता हुई है या नहीं।