अजमेर के जेएलएन अस्पताल में नर्सिंग ऑफिसर्स की भर्ती पर सवाल, पैसे लेकर जॉइनिंग देने के आरोप; 62 नियुक्तियां निरस्त
अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए चयनित 62 नर्सिंग ऑफिसर्स की भर्ती विवादों में आ गई है। चयनित अभ्यर्थियों को कथित तौर पर पैसे लेकर जॉइनिंग देने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर दिया।
जानकारी के अनुसार, जेएलएन अस्पताल में प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से 62 नर्सिंग ऑफिसर्स का चयन किया गया था। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अभ्यर्थियों को अस्पताल में जॉइनिंग दी जानी थी। इसी दौरान कुछ लोगों की ओर से भर्ती में अनियमितता और पैसे लेकर जॉइनिंग देने के आरोप लगाए गए।
मामले की शिकायत अस्पताल प्रशासन तक पहुंचने के बाद अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे ने तत्काल भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने का निर्णय लिया। भर्ती रद्द किए जाने के बाद अब पूरे मामले को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं कि चयन प्रक्रिया में किस स्तर पर अनियमितता हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
अस्पताल प्रशासन के इस फैसले के बाद चयनित नर्सिंग ऑफिसर्स के सामने भी असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। जिन अभ्यर्थियों का चयन हुआ था, उन्हें जॉइनिंग मिलने की उम्मीद थी, लेकिन शिकायत के बाद पूरी प्रक्रिया ही रद्द कर दी गई।
अस्पताल प्रशासन की ओर से मामले में शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है। पैसे लेकर नियुक्ति या जॉइनिंग देने के आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल प्रशासन का मुख्य फोकस भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी तरह की अनियमितता को रोकने पर है।
जेएलएन अस्पताल अजमेर का प्रमुख सरकारी अस्पताल है और यहां बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति से जुड़ी प्रक्रिया महत्वपूर्ण मानी जाती है। भर्ती में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन के फैसले से मामले ने तूल पकड़ लिया है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच किस स्तर पर होती है और भविष्य में 62 नर्सिंग ऑफिसर्स की भर्ती के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है। अस्पताल प्रशासन ने फिलहाल विवादित भर्ती को निरस्त कर दिया है।
