एमडीएस यूनिवर्सिटी की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल, छात्रों से ही चेक कराई जा रहीं उत्तरपुस्तिकाएं
अजमेर स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती (एमडीएस) यूनिवर्सिटी की परीक्षा और मूल्यांकन व्यवस्था की गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो ने यूनिवर्सिटी की मूल्यांकन प्रक्रिया की पोल खोलकर रख दी है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि स्टूडेंट्स की उत्तरपुस्तिकाएं खुद स्टूडेंट्स ही चेक कर रहे हैं, जिससे परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लग गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो मूल्यांकन केंद्र का है, जहां उत्तरपुस्तिकाओं की जांच के दौरान गोपनीयता के तय मानकों का पालन नहीं किया गया। आमतौर पर विश्वविद्यालयों में उत्तरपुस्तिकाओं की जांच केवल अधिकृत और अनुभवी शिक्षकों द्वारा की जाती है, लेकिन यहां छात्रों को ही यह जिम्मेदारी सौंपे जाने का आरोप लग रहा है।
छात्र संगठनों और अभिभावकों ने इस मामले पर कड़ी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि अगर छात्र ही उत्तरपुस्तिकाएं जांचेंगे तो न तो निष्पक्ष मूल्यांकन संभव है और न ही परीक्षा परिणामों की विश्वसनीयता बनी रह सकती है। इससे योग्य छात्रों के साथ अन्याय होने की आशंका भी जताई जा रही है। कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाए हैं कि क्या यूनिवर्सिटी प्रशासन जानबूझकर ऐसी लापरवाही बरत रहा है या फिर शिक्षकों की कमी के कारण यह व्यवस्था अपनाई गई है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला सिर्फ लापरवाही का नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली की गंभीर खामी को दर्शाता है। उत्तरपुस्तिकाओं की जांच एक संवेदनशील प्रक्रिया होती है, जिसमें गोपनीयता और निष्पक्षता सर्वोपरि होती है। अगर इस प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन होता है तो पूरे सिस्टम पर भरोसा कमजोर हो जाता है।
मामले के सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। हालांकि, इस मुद्दे पर अभी तक यूनिवर्सिटी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। छात्र संगठन मांग कर रहे हैं कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही जिन परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाएं इस तरह चेक की गई हैं, उनके परिणामों की दोबारा समीक्षा कराने की भी मांग उठ रही है।
फिलहाल सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और एमडीएस यूनिवर्सिटी की परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल लगातार गहराते जा रहे हैं। अब देखना होगा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कदम उठाता है और छात्रों के विश्वास को दोबारा कैसे बहाल करता है।
