अजमेर में नशे की हालत में स्कूल के ग्राउंड में सोता मिला प्रिंसिपल, वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने की कार्रवाई
अजमेर के एक सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल के नशे की हालत में स्कूल पहुंचने और ग्राउंड में सो जाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि संबंधित प्रिंसिपल करीब 27 साल से इसी स्कूल में कार्यरत थे।
वीडियो में प्रिंसिपल स्कूल परिसर के ग्राउंड में सोते हुए नजर आ रहे हैं। उनके आसपास मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बनाया, जिसके बाद यह मामला शिक्षा विभाग के अधिकारियों तक पहुंचा। वीडियो सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर पूरे मामले की जांच शुरू की गई।
नशे की हालत में स्कूल पहुंचने का आरोप
जानकारी के अनुसार, प्रिंसिपल स्कूल में नशे की हालत में पहुंचे थे। इसके बाद वह स्कूल के ग्राउंड में ही लेट गए। इस दौरान स्कूल परिसर में मौजूद लोगों ने उनका वीडियो बना लिया।
वीडियो में प्रिंसिपल को जमीन पर लेटे हुए देखा जा सकता है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।
27 साल से इसी स्कूल में थे कार्यरत
बताया जा रहा है कि संबंधित प्रिंसिपल करीब 27 साल से इसी स्कूल में कार्यरत थे। लंबे समय से एक ही स्कूल में तैनात रहने के कारण वह क्षेत्र में परिचित भी थे।
हालांकि, स्कूल जैसे शिक्षण संस्थान में प्रधानाचार्य के इस तरह की स्थिति में पहुंचने से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और स्कूल में अनुशासन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
वीडियो सामने आने के बाद हरकत में आया विभाग
मामले का वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना। विभाग की ओर से मामले की जांच कराई जा रही है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग का कहना है कि स्कूलों में शिक्षकों और प्रधानाचार्यों से अनुशासन एवं मर्यादा बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्कूलों में अनुशासन को लेकर उठे सवाल
इस घटना ने स्कूलों में शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। प्रधानाचार्य स्कूल के प्रशासनिक और शैक्षणिक संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके व्यवहार का सीधा असर विद्यार्थियों और स्कूल के माहौल पर पड़ता है।
फिलहाल शिक्षा विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि घटना के समय प्रिंसिपल वास्तव में नशे की हालत में थे या नहीं और उनके खिलाफ किस स्तर की विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वीडियो सामने आने के बाद मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
