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ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत साइबर ठगी पर बड़ी कार्रवाई, अजमेर में 4 खाताधारकों पर मुकदमा दर्ज

 
ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत साइबर ठगी पर बड़ी कार्रवाई, अजमेर में 4 खाताधारकों पर मुकदमा दर्ज

Ajmer में साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन म्यूल हंटर’ के तहत जिला पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी अभियान के अंतर्गत पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो अलग-अलग थानों में चार खाताधारकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे “म्यूल अकाउंट्स” को लेकर की गई है, जिनका उपयोग धोखाधड़ी की रकम को ट्रांसफर और छिपाने में किया जा रहा था।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई Rajasthan Police के निर्देश पर चलाए जा रहे राज्यव्यापी अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य साइबर फ्रॉड नेटवर्क की आर्थिक रीढ़ को तोड़ना है। साइबर ठग अक्सर फर्जी या अन्य लोगों के नाम पर खोले गए बैंक खातों का उपयोग करते हैं, जिन्हें म्यूल अकाउंट कहा जाता है। इन्हीं खातों के माध्यम से ठगी की रकम को एक खाते से दूसरे खाते में घुमाकर उसका स्रोत छिपाने की कोशिश की जाती है।

ताजा मामले में Krishnagarh Police Station और Bhinyan Police Station की पुलिस टीमों ने जांच के दौरान संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से जुड़े लेनदेन में किया गया था। इसके बाद चार खाताधारकों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन खातों में बड़ी संख्या में संदिग्ध ट्रांजैक्शन पाए गए हैं, जिनका सीधा संबंध ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले गिरोहों से हो सकता है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन खातों का संचालन किन लोगों द्वारा किया जा रहा था और क्या खाताधारक स्वयं इस गिरोह का हिस्सा थे या किसी प्रलोभन के तहत अपने खातों का उपयोग करवाया गया।

‘ऑपरेशन म्यूल हंटर’ के तहत पुलिस लगातार ऐसे बैंक खातों की निगरानी कर रही है, जिनका उपयोग साइबर अपराध में हो सकता है। हाल के महीनों में जिले में साइबर ठगी के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसमें ओटीपी फ्रॉड, फर्जी लिंक, केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी और डिजिटल वॉलेट धोखाधड़ी जैसे तरीके शामिल हैं।

इस अभियान के तहत पुलिस ने बैंकिंग संस्थानों और साइबर सेल के सहयोग से संदिग्ध खातों की सूची तैयार की है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि साइबर अपराधियों की वित्तीय गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपने बैंक खातों, एटीएम कार्ड और ऑनलाइन बैंकिंग जानकारी को किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। साथ ही किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या मैसेज से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस यह भी खंगाल रही है कि इन खातों के जरिए कितनी राशि का लेनदेन हुआ है। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से साइबर ठगी के नेटवर्क को बड़ा झटका लगेगा और आने वाले समय में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।