पुष्कर मेले में होगा 'लगान' जैसा क्रिकेट मैच: ऊंटनी की दूध प्रतियोगिता भी रहेगी खास, जानें 2026 का पूरा कैलेंडर
राजस्थान का प्रसिद्ध पुष्कर मेला इस बार भी देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। 2026 का पुष्कर मेला 17 नवंबर से 24 नवंबर तक आयोजित होगा। पर्यटन विभाग के अनुसार यह मेला पशुधन, संस्कृति, लोक कला और पारंपरिक प्रतियोगिताओं के साथ कई खास आयोजनों से सजेगा।
'लगान' जैसा क्रिकेट मैच बनेगा आकर्षण
पुष्कर मेले में होने वाले आयोजनों में 'लगान' स्टाइल क्रिकेट मैच खास आकर्षण रहता है। राजस्थान पर्यटन के आधिकारिक कार्यक्रमों में पहले भी मेले के दौरान इस तरह के क्रिकेट मैच को शामिल किया गया है। विदेशी पर्यटकों और स्थानीय टीमों के बीच होने वाला यह मुकाबला दर्शकों के लिए खास अनुभव बनता है।
ऊंटनी के दूध पर भी रहेगी नजर
मेले में ऊंटों और अन्य पशुधन से जुड़ी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं। इस बार सबसे ज्यादा दूध देने वाली ऊंटनी के मुकाबले को लेकर भी चर्चा है। पशुपालकों के लिए यह प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र बन सकती है।
पुष्कर मेला मूल रूप से पशुधन मेले के रूप में जाना जाता है, जहां ऊंट, घोड़े और दूसरे पशुओं की खरीद-बिक्री के साथ उनकी सजावट और विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं।
मेले में ये आयोजन भी रहेंगे खास
पुष्कर मेले में हर साल ऊंट सजावट, ऊंट नृत्य, मूंछ प्रतियोगिता, पगड़ी बांधने, मटका फोड़ और ग्रामीण खेलों जैसे आयोजन पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इसके अलावा लोक संगीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पुष्कर सरोवर पर महाआरती भी मेले का हिस्सा रहती है।
17 से 24 नवंबर तक सजेगा पुष्कर
इस साल पुष्कर मेला 17 नवंबर से शुरू होकर 24 नवंबर 2026 तक चलेगा। धार्मिक दृष्टि से भी यह आयोजन महत्वपूर्ण है, क्योंकि मेला कार्तिक पूर्णिमा के आसपास आयोजित होता है। इस दौरान पुष्कर सरोवर में स्नान और धार्मिक आयोजनों के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
देश-विदेश से पहुंचते हैं पर्यटक
पुष्कर मेला राजस्थान की प्रमुख पर्यटन पहचान में शामिल है। यहां पशुपालकों के साथ बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक भी पहुंचते हैं। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे ऊंट, लोक संगीत, ग्रामीण खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम मेले को खास पहचान देते हैं।
