अजमेर के नया बाजार क्षेत्र में काले और बदबूदार पानी की सप्लाई से लोगों में आक्रोश, जलदाय विभाग पर लापरवाही के आरोप
अजमेर शहर के व्यस्त और घनी आबादी वाले इलाके नया बाजार, कड़क्का चौक और अशोक गली में काले और बदबूदार पानी की सप्लाई से स्थानीय लोगों में भारी रोष व्याप्त है। क्षेत्रवासियों ने जलदाय विभाग के खिलाफ जमकर नाराजगी जताते हुए इसे गंभीर लापरवाही बताया है। लोगों का कहना है कि पिछले 5 से 6 महीनों से इलाके में लगातार दूषित पानी की सप्लाई की जा रही है, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, नलों से आने वाला पानी न केवल काले रंग का है, बल्कि उसमें तेज बदबू भी आ रही है। ऐसे पानी का उपयोग पीने तो दूर, नहाने और घरेलू कामों के लिए भी करना मुश्किल हो गया है। लोगों का आरोप है कि मजबूरी में इसी दूषित पानी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत पर बुरा असर पड़ रहा है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि दूषित पानी पीने से कई लोग बीमार पड़ चुके हैं। पेट दर्द, उल्टी-दस्त, त्वचा रोग और बुखार जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि बच्चों और बुजुर्गों में बीमारियों का खतरा ज्यादा बढ़ गया है, लेकिन जलदाय विभाग इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज कर रहा है। लोगों ने आशंका जताई कि यदि जल्द ही साफ पानी की सप्लाई बहाल नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
स्थानीय निवासी महिलाओं ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि घर का सारा काम पानी पर निर्भर होता है, लेकिन जब पानी ही गंदा और बदबूदार हो तो रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल हो जाती है। कई परिवारों को मजबूरी में बाजार से पानी खरीदकर पीने के लिए इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि उन्होंने कई बार जलदाय विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिले। कभी पाइपलाइन साफ करने की बात कही जाती है तो कभी मोटर खराब होने का बहाना बनाया जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का कहना है कि समस्या अस्थायी नहीं बल्कि लंबे समय से बनी हुई है, इसके बावजूद विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहा।
गुस्साए लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही साफ और पीने योग्य पानी की सप्लाई शुरू नहीं की गई तो वे जलदाय विभाग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो वे जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से भी शिकायत करेंगे।
