Aapka Rajasthan

अजमेर में मंत्री का करीबी बताकर ट्रांसफर के नाम पर ठगे 1 लाख रुपए, पत्नी का ब्यावर से अजमेर तबादला कराने का दिया था झांसा

 
अजमेर में मंत्री का करीबी बताकर ट्रांसफर के नाम पर ठगे 1 लाख रुपए, पत्नी का ब्यावर से अजमेर तबादला कराने का दिया था झांसा

राजस्थान के अजमेर में सरकारी कर्मचारी का तबादला कराने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। एक व्यक्ति पर खुद को मंत्री का जानकार बताकर पीड़ित से 1 लाख रुपए हड़पने का आरोप लगा है। आरोपी ने पीड़ित को भरोसा दिलाया था कि वह अपनी पहुंच और रसूख के दम पर उसकी पत्नी का तबादला ब्यावर से अजमेर करवा देगा। इसी भरोसे में आकर पीड़ित ने आरोपी को एक लाख रुपए दे दिए। हालांकि, रकम लेने के बाद भी आरोपी ने तबादला नहीं करवाया। इसके बाद पीड़ित ने मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई।

जानकारी के अनुसार, पीड़ित अपनी पत्नी का तबादला ब्यावर से अजमेर करवाना चाहता था। इसके लिए वह प्रयास कर रहा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात एक ऐसे व्यक्ति से हुई, जिसने खुद को मंत्री का परिचित बताया। आरोपी ने पीड़ित को विश्वास दिलाया कि उसके मंत्री से अच्छे संबंध हैं और वह आसानी से उसकी पत्नी का तबादला अजमेर करवा सकता है।

मंत्री से पहचान का दिया भरोसा

आरोप है कि आरोपी ने अपनी राजनीतिक पहुंच का हवाला देकर पीड़ित को भरोसे में लिया। उसने कहा कि सरकारी विभाग में तबादला करवाने के लिए उसे ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। वह अपने संपर्कों के जरिए यह काम करवा देगा। आरोपी की बातों में आकर पीड़ित ने तबादले के लिए उससे संपर्क बनाए रखा।

इसके बाद आरोपी ने इस काम के बदले एक लाख रुपए की मांग की। पीड़ित ने पत्नी का तबादला अजमेर होने की उम्मीद में आरोपी को एक लाख रुपए दे दिए। आरोपी ने रकम लेने के बाद जल्द ही काम पूरा कराने का भरोसा भी दिया।

रुपए लेने के बाद नहीं कराया तबादला

पीड़ित को उम्मीद थी कि कुछ ही समय में उसकी पत्नी का ब्यावर से अजमेर तबादला हो जाएगा। लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी तबादले को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब पीड़ित ने आरोपी से संपर्क कर काम के बारे में पूछा तो उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

आरोप है कि आरोपी ने एक लाख रुपए लेने के बावजूद तबादला नहीं करवाया। इसके बाद पीड़ित को अपने साथ धोखाधड़ी होने का एहसास हुआ। उसने आरोपी से रकम वापस मांगी, लेकिन मामला सुलझ नहीं पाया।

पुलिस तक पहुंचा मामला

इसके बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत की। शिकायत में आरोपी पर मंत्री का जानकार बताकर सरकारी तबादला कराने का झांसा देने और एक लाख रुपए हड़पने का आरोप लगाया गया है। पुलिस अब शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर सकती है।

इस घटना ने सरकारी कर्मचारियों के तबादले के नाम पर होने वाली कथित ठगी के मामलों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। नौकरी में मनचाही जगह पोस्टिंग दिलाने और राजनीतिक संपर्कों के जरिए काम कराने का दावा करने वाले लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। किसी भी व्यक्ति को तबादले के नाम पर पैसे देने से पहले उसकी बातों और दावों की पुष्टि करना जरूरी है।