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अजमेर में कबाड़ वाहन के नाम पर ठगी का मामला, साइबर पुलिस ने 4.29 लाख रुपए होल्ड कर बचाई रकम

 
अजमेर में कबाड़ वाहन के नाम पर ठगी का मामला, साइबर पुलिस ने 4.29 लाख रुपए होल्ड कर बचाई रकम

राजस्थान के Ajmer में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है, जिसमें ठगों ने कबाड़ वाहन खरीदने के नाम पर लाखों रुपए ठगने की कोशिश की। हालांकि समय रहते शिकायत मिलने पर साइबर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4.29 लाख रुपए होल्ड (फ्रीज) करवा दिए, जिससे पीड़ित की बड़ी रकम बच गई।

पुलिस के अनुसार ठगों ने ऑनलाइन माध्यम से पीड़ित से संपर्क किया और खुद को कबाड़ वाहन खरीद-फरोख्त से जुड़ा कारोबारी बताया। उन्होंने सस्ते दाम में वाहन दिलाने का लालच देकर पीड़ित को अपने जाल में फंसा लिया।

कबाड़ वाहन खरीदने का दिया लालच

जानकारी के मुताबिक ठगों ने पीड़ित को भरोसा दिलाया कि उनके पास कई पुराने वाहन हैं, जिन्हें सरकारी नीलामी या कबाड़ के रूप में बेचा जा रहा है। आरोपियों ने कहा कि यदि वह तुरंत भुगतान कर देता है तो उसे कम कीमत में वाहन मिल सकता है।

लालच में आकर पीड़ित ने आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में किस्तों में पैसे ट्रांसफर कर दिए। कुछ समय बाद जब वाहन की डिलीवरी नहीं हुई और आरोपी टालमटोल करने लगे तो पीड़ित को शक हुआ कि उसके साथ ठगी हो चुकी है।

साइबर पुलिस से की शिकायत

इसके बाद पीड़ित ने तुरंत मामले की शिकायत साइबर पुलिस थाने में दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच शुरू की और संबंधित बैंक खातों की जानकारी जुटाई।

साइबर पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते बैंक खातों में ट्रांसफर की गई रकम को ट्रैक कर लिया गया। पुलिस ने संबंधित बैंक से संपर्क कर 4.29 लाख रुपए होल्ड करवा दिए, जिससे यह रकम आरोपियों के पास जाने से बच गई।

ठगों की तलाश जारी

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस साइबर ठगी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और उनका नेटवर्क कहां से संचालित हो रहा है। इसके लिए मोबाइल नंबर, बैंक खाते और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है।

साइबर पुलिस का कहना है कि कई मामलों में ठग सोशल मीडिया, ऑनलाइन विज्ञापन या फर्जी वेबसाइट के माध्यम से लोगों को सस्ते वाहन, नौकरी या निवेश का झांसा देकर ठगी करते हैं।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन ऑफर या अज्ञात व्यक्ति के कहने पर जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर न करें। यदि कोई व्यक्ति सस्ते दाम में वाहन, प्लॉट या अन्य वस्तु देने का दावा करता है तो पहले उसकी पूरी जांच करें।

अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस से संपर्क करना चाहिए। समय पर शिकायत मिलने पर कई मामलों में रकम को होल्ड कर बचाया जा सकता है।

पुलिस ने यह भी बताया कि साइबर अपराधों को रोकने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि लोग ठगों के झांसे में आने से बच सकें।