ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार
अजमेर जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन म्यूल हंटर’ के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। अलवर गेट थाना पुलिस ने ऑनलाइन साइबर फ्रॉड में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम दोनों आरोपियों को उत्तर प्रदेश के आगरा से पकड़कर अजमेर लेकर आई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी एक संगठित साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं, जो ऑनलाइन माध्यमों से लोगों को झांसा देकर उनके बैंक खातों से पैसे निकालने का काम करते थे। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी विभिन्न तरीकों से फर्जी लेन-देन कर लोगों को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचा रहे थे।
थाना अलवर गेट पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन म्यूल हंटर’ के तहत की गई, जिसका उद्देश्य उन बैंक खातों और व्यक्तियों की पहचान करना है जो साइबर ठगी के पैसों को ट्रांजैक्शन और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए इस्तेमाल करते हैं। इसी कड़ी में तकनीकी निगरानी और इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने आगरा में दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है, जिससे साइबर फ्रॉड के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। इसके अलावा पुलिस यह भी प्रयास कर रही है कि ठगी की गई राशि को ट्रेस कर बरामद किया जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी अक्सर अलग-अलग राज्यों में नेटवर्क फैलाकर लोगों को झांसे में लेते हैं, जिससे उनकी पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। लेकिन तकनीकी निगरानी और बैंकिंग ट्रांजैक्शन की जांच के जरिए पुलिस लगातार ऐसे गिरोहों तक पहुंचने में सफल हो रही है।
इस कार्रवाई के बाद अजमेर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक, कॉल या मैसेज पर अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें। साथ ही किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें।
फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
