अजमेर में जीपीओ स्थित पासपोर्ट कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
राजस्थान के Ajmer में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब जीपीओ परिसर में स्थित पासपोर्ट कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई। यह धमकी एक अज्ञात ई-मेल के माध्यम से भेजी गई थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाते हुए जीपीओ परिसर और पासपोर्ट कार्यालय को तुरंत खाली करा दिया। कर्मचारियों और वहां मौजूद आम नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालकर परिसर को पूरी तरह से सील कर दिया गया। इसके बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की टीमें मौके पर पहुंचीं और पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी।
बम निरोधक दस्ते (Bomb Disposal Squad) और डॉग स्क्वायड को भी मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने पूरे कार्यालय परिसर की गहन तलाशी ली। हालांकि शुरुआती जांच में किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री के मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा कारणों को देखते हुए जांच को बेहद सतर्कता के साथ आगे बढ़ाया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमकी भरा ई-मेल किसने भेजा और उसका स्रोत क्या है, इसकी जांच साइबर सेल द्वारा की जा रही है। प्राथमिक तौर पर यह मामला शरारतपूर्ण या साइबर फ्रॉड से जुड़ा हो सकता है, लेकिन किसी भी संभावना को नज़रअंदाज नहीं किया जा रहा है। ई-मेल के आईपी एड्रेस और तकनीकी डाटा की जांच की जा रही है ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके।
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। जीपीओ परिसर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
अधिकारियों ने यह भी कहा है कि ऐसी धमकियों को गंभीरता से लिया जाता है और किसी भी स्थिति में लापरवाही नहीं बरती जाती। पिछले कुछ समय में देश के विभिन्न हिस्सों में इस तरह के फर्जी धमकी भरे ई-मेल के मामले सामने आए हैं, जिनमें बाद में जांच के दौरान कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।
फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस धमकी के पीछे के व्यक्ति या समूह का पता लगा लिया जाएगा।
स्थानीय लोगों और कर्मचारियों में इस घटना के बाद थोड़ी देर के लिए दहशत का माहौल जरूर देखने को मिला, लेकिन प्रशासन की तत्परता से स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया।
