BJP ने सभी 80 वार्डों में उतारे प्रत्याशी, मेयर पद महिला के लिए आरक्षित; बड़े नेताओं की पत्नियां भी मैदान में
अजमेर नगर निगम चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। भाजपा ने नगर निगम के सभी 80 वार्डों में अपने प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं। इस बार अजमेर में मेयर का पद अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में पार्टी के कई बड़े नेताओं ने खुद चुनाव लड़ने के बजाय अपनी पत्नियों को पहली बार नगर निगम चुनाव के मैदान में उतारा है।
मेयर पद के महिला के लिए आरक्षित होने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के परिवारों से महिला उम्मीदवारों की एंट्री ने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। इन उम्मीदवारों के जरिए बड़े नेताओं का राजनीतिक प्रभाव और स्थानीय जनसंपर्क भी चुनावी मैदान में नजर आएगा।
सभी 80 वार्डों में भाजपा के उम्मीदवार
भाजपा ने अजमेर नगर निगम के सभी 80 वार्डों में प्रत्याशी उतारकर कांग्रेस और अन्य दलों के सामने सीधी चुनौती पेश की है। टिकट वितरण के बाद अब सभी वार्डों में चुनावी मुकाबला तेज होने की उम्मीद है।
पार्टी ने उम्मीदवारों के चयन में स्थानीय समीकरण, संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं और वार्ड स्तर पर मजबूत पकड़ रखने वाले चेहरों को प्राथमिकता देने की कोशिश की है। कई वार्डों में नए चेहरों को भी मौका दिया गया है, जिससे पार्टी की रणनीति में बदलाव और नए नेतृत्व को बढ़ावा देने के संकेत मिलते हैं।
बड़े नेताओं ने पत्नियों को उतारा मैदान में
मेयर पद अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित होने के बाद भाजपा के कई बड़े नेताओं ने इस बार खुद चुनाव लड़ने के बजाय अपनी पत्नियों को उम्मीदवार बनाया है। इनमें से कई महिलाएं पहली बार चुनावी राजनीति में कदम रख रही हैं।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, इन उम्मीदवारों की उम्मीदवारी को केवल वार्ड चुनाव तक सीमित नहीं माना जा रहा है। यदि पार्टी को नगर निगम में बहुमत मिलता है तो महिला पार्षदों में से किसी एक के मेयर बनने की संभावना रहेगी। ऐसे में बड़े नेताओं के परिवारों की महिला सदस्यों की चुनावी एंट्री को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मेयर पद पर रहेगी खास नजर
अजमेर नगर निगम में इस बार मेयर का पद अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित होने के कारण चुनाव के नतीजों के साथ मेयर पद की दावेदारी भी चर्चा में रहेगी। भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए महिला पार्षदों का प्रदर्शन अहम होगा।
भाजपा ने सभी 80 वार्डों में प्रत्याशी उतारकर बोर्ड बनाने की कोशिश तेज कर दी है। अब प्रत्याशी अपने-अपने वार्ड में प्रचार और जनसंपर्क अभियान शुरू करेंगे। चुनाव में शहर की सफाई व्यवस्था, सड़क, पानी, यातायात, सीवरेज और विकास कार्य जैसे स्थानीय मुद्दे मतदाताओं के बीच प्रमुख रह सकते हैं।
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब अजमेर नगर निगम चुनाव का मुकाबला पूरी तरह चुनावी रंग में आ गया है। भाजपा की ओर से सभी वार्डों में प्रत्याशी उतारे जाने और बड़े नेताओं की पत्नियों के मैदान में आने से मेयर पद की दौड़ पर भी सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
