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अजमेर की आनासागर और वरुण सागर झीलों का होगा कायाकल्प, 41 करोड़ की मंजूरी, डिसिल्टिंग से बढ़ेगी जलभराव क्षमता

 
अजमेर की आनासागर और वरुण सागर झीलों का होगा कायाकल्प, 41 करोड़ की मंजूरी, डिसिल्टिंग से बढ़ेगी जलभराव क्षमता

राजस्थान के Ajmer में स्थित ऐतिहासिक झीलों के संरक्षण और जल प्रबंधन को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शहर की प्रमुख जल संरचनाओं Ana Sagar Lake और Varun Sagar Lake में डिसिल्टिंग (मिट्टी निकालने का कार्य) किया जाएगा, जिससे इन झीलों की जलभराव क्षमता को बढ़ाया जा सके।

इस कार्य के लिए राज्य सरकार की ओर से 41 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है। इस परियोजना के तहत झीलों में जमा गाद और मिट्टी को हटाया जाएगा, जिससे जलधारण क्षमता में सुधार होगा और मानसून के दौरान अधिक पानी संग्रहित किया जा सकेगा।

अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से इन झीलों में गाद जमा होने के कारण उनकी गहराई और जल संग्रहण क्षमता प्रभावित हो रही थी। डिसिल्टिंग कार्य के बाद न केवल झीलों की जलधारण क्षमता बढ़ेगी, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में जलस्तर सुधारने में भी मदद मिलेगी।

इस परियोजना को पर्यावरण संरक्षण और जल संसाधन प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में जल संकट से निपटने के लिए इस तरह के प्रयास बेहद जरूरी हैं, खासकर उन ऐतिहासिक जल संरचनाओं के लिए जो शहर की पहचान भी हैं।

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा, ताकि झीलों के आसपास की व्यवस्था और पर्यावरण पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। साथ ही, आधुनिक तकनीक का उपयोग कर डिसिल्टिंग कार्य को प्रभावी ढंग से पूरा करने की योजना है।

परियोजना पूरी होने के बाद उम्मीद है कि Ana Sagar Lake और Varun Sagar Lake न केवल अपनी पुरानी भव्यता वापस पाएंगी, बल्कि शहर के जल प्रबंधन में भी अहम भूमिका निभाएंगी।

कुल मिलाकर, अजमेर की इन दोनों ऐतिहासिक झीलों के पुनरुद्धार की यह पहल शहर के पर्यावरण, जल संरक्षण और पर्यटन विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।