अजमेर ट्रैफिक पुलिस ने सड़कों पर 45 एआई-कैमरों की मांग उठाई, सड़क सुरक्षा मजबूत करने की तैयारी
शहर में बढ़ते ट्रैफिक नियम उल्लंघन और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने प्रमुख सड़कों पर 45 एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित कैमरों की स्थापना की मांग उठाई है। अधिकारी मानते हैं कि ये स्मार्ट कैमरे नियमों के उल्लंघन पर तुरंत निगरानी रखते हुए चालान प्रक्रिया को अधिक सटीक और प्रभावी बनाएँगे।
ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शहर में वाहनों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है और रोजमर्रा के मुख्य मार्गों तथा चौराहों पर नियम उल्लंघन की घटनाएँ आम होती जा रही हैं। ऐसे में पारंपरिक निगरानी और मैनुअल चालान प्रणाली पर्याप्त नहीं रह गई है। इसलिए पुलिस ने 45 एआई-कैमरों की मांग की है, ताकि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन जैसे हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट नहीं लगाना, ओवरस्पीडिंग और रेड लाइट जंपिंग आदि को तुरंत पकड़ा जा सके।
एआई कैमरों की तकनीक ऐसी होती है कि यह न सिर्फ वाहन का नंबर प्लेट पहचान सकती है बल्कि वाहन चालकों द्वारा किए गए उल्लंघनों को रिकॉर्ड भी कर सकती है। इससे सिर्फ नियम उल्लंघन वाली तस्वीरें ही नहीं बनतीं, बल्कि उनका समय, स्थान और वाहन की जानकारी भी स्वचालित रूप से ट्रैफिक नियंत्रण केंद्र को भेज दी जाती है। इससे चालान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज होगी, और पुलिस को सड़क सुरक्षा में बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे।
अजमेर ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि ये कदम स्मार्ट शहर और तकनीक आधारित निगरानी की दिशा में एक बड़ा कदम है। पहले भी अनेक शहरों में स्मार्ट ट्रैफिक कैमरों की स्थापना और इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू किए जा रहे हैं, ताकि सड़क नियमों का उल्लंघन कम हो सके और दुर्घटनाओं को रोका जा सके। ऐसे सिस्टम अक्सर हाई-डेफिनिशन कैमरों, रडार और सेंसर से जुड़े होते हैं, जो रात में भी स्पष्ट रूप से वाहन की पहचान कर सकते हैं।
अजमेर पुलिस अधिकारीयों ने बताया कि 45 कैमरों को शहर के मुख्य चौराहों, हाई-ट्रैफिक मार्गों और दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों पर लगाया जाना चाहिए, जहाँ नियम उल्लंघन की घटनाएँ अधिक होती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाना चाहिए और पहले पायलट आधार पर कुछ चुनिंदा स्थानों पर कैमरों की स्थापना कर प्रभाव का आंकलन किया जाए। इसके बाद बाकी जगहों पर विस्तार किया जाए।
इस मांग के समर्थन में पुलिस ने कहा है कि एआई-कैमरे चालान और निगरानी दोनों को आत्म-निर्भर और निष्पक्ष बनायेंगे। पारंपरिक तरीके से जहाँ नियम उल्लंघन को पकड़ने के लिए चेकपोस्ट या पुलिस आंखों पर निर्भर रहती है, वहीं एआई तकनीक 24×7 निगरानी रख सकती है और दिन-रात, किसी भी मौसम में वाहन चालकों की गतिविधियों को रिकॉर्ड कर सकती है। इससे सिर्फ नियम उल्लंघन ही नहीं रुकेगा, बल्कि आम जनता में भी ट्रैफिक संचालन के प्रति जागरूकता आएगी।
ट्रैफिक पुलिस ने इस योजना के जल्द लागू होने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार और प्रशासनिक अधिकारी इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देते हैं, तो अजमेर की सड़कें अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमों के अनुरूप होंगी।
इस मांग के साथ ही शहरवासियों से भी अपील की गई है कि वे अपने स्तर पर ट्रैफिक नियमों का पालन करें और विशेष रूप से हेलमेट, सीट बेल्ट, स्पीड लिमिट और सड़क संकेतों का सम्मान करें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाई जा सके।
