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अजमेर नगर निगम-360 उम्मीदवारों की आज तय होगी किस्मत: डेढ़ लाख से ज्यादा युवा तय करेंगे रिजल्ट; पढ़िए भाजपा-कांग्रेस के उम्मीदवारों की पूरी प्रोफाइल

 
अजमेर नगर निगम-360 उम्मीदवारों की आज तय होगी किस्मत: डेढ़ लाख से ज्यादा युवा तय करेंगे रिजल्ट; पढ़िए भाजपा-कांग्रेस के उम्मीदवारों की पूरी प्रोफाइल

अजमेर नगर निगम चुनाव में आज 80 वार्डों के 360 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा। सुबह से मतदान केंद्रों पर मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। चुनाव मैदान में भाजपा के 79, कांग्रेस के 77 और 204 उम्मीदवार निर्दलीय व अन्य दलों से हैं। चुनाव परिणाम 14 सितंबर को घोषित किए जाएंगे। इसके बाद 21 सितंबर को मेयर और 22 सितंबर को डिप्टी मेयर का चुनाव होगा।

डेढ़ लाख से ज्यादा युवा मतदाताओं पर नजर

इस बार अजमेर नगर निगम चुनाव में युवा मतदाता बड़ी भूमिका में हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक निगम क्षेत्र में 35 प्रतिशत मतदाता 35 साल से कम उम्र के हैं। यानी डेढ़ लाख से अधिक युवा वोटर चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने प्रचार के दौरान युवा मतदाताओं को साधने पर खास जोर दिया।

युवा वोटरों के बीच रोजगार, सड़क, पानी, सफाई, यातायात, पार्किंग और शहर की मूलभूत सुविधाएं अहम चुनावी मुद्दे बने हुए हैं।

भाजपा के 79 और कांग्रेस के 77 उम्मीदवार

अजमेर के 80 वार्डों में भाजपा ने 79 और कांग्रेस ने 77 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। बाकी 204 प्रत्याशी निर्दलीय या अन्य राजनीतिक दलों से चुनाव लड़ रहे हैं। कई वार्डों में पार्टी प्रत्याशियों के सामने बागियों ने भी चुनौती खड़ी की है।

चुनावी मैदान में मुकाबला कई जगह सीधा है, जबकि कुछ वार्डों में निर्दलीय और छोटे दलों के उम्मीदवारों ने मुकाबले को त्रिकोणीय या बहुकोणीय बना दिया है। सबसे अधिक प्रत्याशी वार्ड नंबर 12 में 52 बताए गए हैं।

भाजपा में इन नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर

अजमेर नगर निगम में लंबे समय से भाजपा का दबदबा रहा है। ऐसे में इस चुनाव में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री और अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी, विधानसभा अध्यक्ष व अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी, अजमेर दक्षिण विधायक अनिता भदेल और शहर भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश सोनी की भूमिका अहम मानी जा रही है।

इन नेताओं के सामने पार्टी के अधिक से अधिक उम्मीदवारों को जिताने और निगम में भाजपा का प्रभाव बनाए रखने की चुनौती है। उपलब्ध चुनावी प्रोफाइल के मुताबिक टिकट वितरण में भी इन नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

कांग्रेस के सामने भी बड़ी चुनौती

कांग्रेस की ओर से शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजकुमार जयपाल, विधानसभा चुनाव में अजमेर उत्तर से प्रत्याशी रहे महेन्द्र सिंह रलावता, अजमेर दक्षिण से कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व नेता प्रतिपक्ष द्रोपदी कोली तथा पूर्व आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेंद्र सिंह राठौड़ जैसे नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर है।

कांग्रेस को एक तरफ भाजपा के लंबे समय से चले आ रहे प्रभाव को चुनौती देनी है, वहीं दूसरी ओर पार्टी के बागी उम्मीदवारों से होने वाले नुकसान को रोकना भी चुनौती है।

21 सितंबर को चुना जाएगा मेयर

अजमेर नगर निगम में इस बार मेयर का पद अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित है। इसलिए पार्षद चुनाव के नतीजों के बाद मेयर पद को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज होंगी। 14 सितंबर को पार्षदों के परिणाम आने के बाद बोर्ड में बहुमत का गणित साफ होगा और इसके बाद मेयर पद के लिए जोड़-तोड़ शुरू होने की संभावना है।

कुल मिलाकर आज का मतदान अजमेर नगर निगम की अगली पांच साल की राजनीतिक दिशा तय करने वाला है। 360 उम्मीदवारों के बीच मुकाबले में युवा मतदाताओं की पसंद, बागियों का असर और भाजपा-कांग्रेस के संगठन की ताकत सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर माने जा रहे हैं।