Aapka Rajasthan

अजमेर नगर निगम चुनाव: बोर्ड बनाने की कवायद तेज, भाजपा ने प्रत्याशियों की शुरू की बाड़ेबंदी; पुष्कर रिसोर्ट में रखा

 
अजमेर नगर निगम चुनाव: बोर्ड बनाने की कवायद तेज, भाजपा ने प्रत्याशियों की शुरू की बाड़ेबंदी; पुष्कर रिसोर्ट में रखा

नगर निगम चुनाव में मतदान खत्म होने के बाद अब बोर्ड बनाने को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बहुमत जुटाने और अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए भाजपा ने अपने कुछ प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मतदान समाप्त होने के बाद देर रात ही भाजपा ने कुछ प्रत्याशियों को एक जगह शिफ्ट कर दिया, जबकि कुछ प्रत्याशियों को शनिवार सुबह ले जाया गया।

बताया जा रहा है कि भाजपा के सभी संबंधित प्रत्याशी फिलहाल पुष्कर के एक रिसोर्ट में ठहरे हुए हैं। पार्टी की ओर से चुनाव परिणाम आने तक प्रत्याशियों को एकजुट रखने और किसी भी तरह की राजनीतिक सेंधमारी को रोकने के लिए यह रणनीति अपनाई गई है।

बोर्ड गठन को लेकर भाजपा सतर्क

नगर निगम चुनाव में पार्षदों की भूमिका सबसे अहम होती है, क्योंकि बोर्ड गठन और महापौर चुनाव में पार्षदों का समर्थन निर्णायक होता है। ऐसे में भाजपा पहले से ही अपने प्रत्याशियों को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रही है।

पार्टी को आशंका है कि परिणाम के बाद अगर संख्या बल में मामूली अंतर रहा तो निर्दलीय या विरोधी खेमे की सक्रियता से समीकरण बदल सकते हैं। इसी को देखते हुए प्रत्याशियों को एकजुट रखने की रणनीति बनाई गई है।

कांग्रेस भी जुटी रणनीति बनाने में

वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस भी चुनाव परिणाम से पहले अपनी तैयारियों में जुटी हुई है। दोनों प्रमुख दल अपने-अपने प्रत्याशियों के संपर्क में हैं और परिणाम के बाद बनने वाली स्थिति को लेकर रणनीति तैयार कर रहे हैं।

नगर निगम चुनाव में यदि किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम हो सकती है। ऐसे में छोटे अंतर से जीत-हार की स्थिति में निर्दलीय प्रत्याशी बोर्ड गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

परिणाम से पहले बढ़ी सियासी हलचल

अजमेर नगर निगम चुनाव के नतीजे आने से पहले ही शहर की राजनीति गर्म हो गई है। भाजपा जहां अपने बोर्ड बनने का दावा कर रही है, वहीं कांग्रेस भी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है।

अब सभी की नजर मतगणना और उसके बाद बनने वाले राजनीतिक समीकरणों पर है। ईवीएम खुलने के बाद ही साफ होगा कि अजमेर नगर निगम की सत्ता किस दल के हाथों में जाएगी।