अजमेर कांग्रेस में बढ़ी खींचतान, पूर्व शहर अध्यक्ष को नोटिस: संगठन विरोधी गतिविधियों का आरोप; जयपाल बोले- कुछ लोग टिकट के लिए दबाव बना रहे
अजमेर में नगर निगम चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर सियासी खींचतान खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी ने संगठन विरोधी गतिविधियों के आरोप में पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय जैन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस कार्रवाई के बाद अजमेर कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर पार्टी नेताओं के बीच चल रही खींचतान अब सार्वजनिक होती नजर आ रही है।
मामला ऐसे समय सामने आया है, जब अजमेर नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस संगठन अपनी तैयारियों में जुटा हुआ है। पार्टी के भीतर टिकट को लेकर दावेदारी और राजनीतिक समीकरण भी तेजी से बन रहे हैं। ऐसे में पूर्व शहर अध्यक्ष को नोटिस जारी किए जाने को चुनावी तैयारियों के बीच अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
संगठन विरोधी गतिविधियों का आरोप
कांग्रेस की ओर से पूर्व शहर अध्यक्ष विजय जैन को दिए गए नोटिस में संगठन विरोधी गतिविधियों को लेकर जवाब मांगा गया है। पार्टी नेतृत्व ने उनसे अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। हालांकि, नोटिस में लगाए गए आरोपों और उनके जवाब से जुड़े सभी विवरण अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।
इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस के भीतर ही अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पार्टी के नेताओं के बीच मतभेद और गुटबाजी की खबरें पहले भी सामने आती रही हैं। अब नगर निगम चुनाव से ठीक पहले पूर्व पदाधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है।
जयपाल ने साधा निशाना
अजमेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने पार्टी के भीतर चल रही गतिविधियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ लोग आगामी चुनाव में टिकट हासिल करने के लिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका संकेत ऐसे नेताओं की ओर था, जो संगठन पर अपनी पसंद के मुताबिक निर्णय लेने का दबाव बना रहे हैं।
जयपाल का कहना है कि पार्टी में टिकट वितरण संगठन की प्रक्रिया और नेतृत्व के निर्णय के आधार पर होगा। किसी व्यक्ति विशेष के दबाव में टिकट देने का सवाल नहीं है। उन्होंने संगठन को मजबूत करने और चुनाव में पार्टी की स्थिति बेहतर करने पर जोर दिया।
अजमेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर जयपाल की ओर से लगातार संगठनात्मक गतिविधियां की जा रही हैं। जून 2026 में भी उन्होंने स्थानीय मुद्दों को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा था।
नगर निगम चुनाव से पहले बढ़ी चुनौती
अजमेर नगर निगम चुनाव कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनाव से पहले पार्टी को जहां वार्ड स्तर पर संगठन मजबूत करना है, वहीं टिकट के दावेदारों के बीच संतुलन बनाना भी बड़ी चुनौती है। ऐसे में पार्टी के भीतर सामने आ रहे मतभेद नेतृत्व के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं।
स्थानीय राजनीति में कांग्रेस के अलग-अलग नेताओं के बीच गुटबाजी को लेकर भी चर्चा होती रही है। चुनावी माहौल बनने के साथ ही टिकट को लेकर दावेदारी बढ़ने की संभावना है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने की होगी।
फिलहाल पूर्व शहर अध्यक्ष को जारी नोटिस के बाद अजमेर कांग्रेस की राजनीति गर्म हो गई है। अब देखना होगा कि विजय जैन नोटिस का क्या जवाब देते हैं और पार्टी नेतृत्व उनके खिलाफ आगे क्या कार्रवाई करता है। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि चुनाव से पहले कांग्रेस अपने नेताओं के बीच चल रही खींचतान को किस तरह खत्म कर एकजुट होकर मैदान में उतरती है।
