अजमेर सेंट्रल जेल में बड़ा प्रशासनिक मामला, कोर्ट की अनुमति बिना दो महिला बंदियों को बाहर ले जाने का आरोप
अजमेर सेंट्रल जेल से दो महिला बंदियों को कोर्ट की अनुमति के बिना जेल से बाहर ले जाने का मामला सामने आया है। दोनों महिलाएं हत्या के मामले में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। घटना सामने आने के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, हत्या के आरोप में बंद दोनों महिला कैदियों को आवश्यक न्यायिक अनुमति के बिना जेल परिसर से बाहर ले जाया गया। जेल नियमों के तहत किसी भी विचाराधीन या सजायाफ्ता बंदी को अदालत या सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना जेल से बाहर नहीं ले जाया जा सकता। ऐसे में इस मामले को गंभीर प्रशासनिक चूक माना जा रहा है।
प्रकरण उजागर होने के बाद संबंधित अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी मांगी गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि किन परिस्थितियों में दोनों महिला बंदियों को बाहर ले जाया गया, किसके आदेश पर यह कार्रवाई हुई और क्या निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया गया था।
सूत्रों के अनुसार, मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है और यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। जांच में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि घटना के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन हुआ था या नहीं।
फिलहाल जेल प्रशासन की ओर से मामले पर विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी तय हो सकेगी।
यह मामला सामने आने के बाद जेल सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों की आवाजाही से जुड़े नियमों के पालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अब सभी की नजर जांच के नतीजों और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
