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विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश: हर घर तक पहुंचे पर्याप्त और नियमित जलापूर्ति, पेयजल संकट रोकने के लिए एक्शन प्लान तैयार

 
विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश: हर घर तक पहुंचे पर्याप्त और नियमित जलापूर्ति, पेयजल संकट रोकने के लिए एक्शन प्लान तैयार

राज्य में पेयजल संकट की संभावित स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हर घर तक पर्याप्त और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बढ़ती जल मांग को देखते हुए किसी भी क्षेत्र में पानी की कमी की शिकायतें नहीं आनी चाहिए और इसके लिए ठोस व प्रभावी कार्ययोजना पर तुरंत अमल किया जाए।

बैठक के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने जलदाय विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तीन प्रमुख बिंदुओं—टैंकर, ट्यूबवेल और पाइपलाइन नेटवर्क—पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि जहां पाइपलाइन से जलापूर्ति संभव नहीं है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में टैंकरों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

अध्यक्ष ने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों में भूजल स्तर नीचे जा चुका है या जहां पुराने ट्यूबवेल ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, वहां नए ट्यूबवेल स्थापित किए जाएं और खराब ट्यूबवेलों की तुरंत मरम्मत की जाए। साथ ही, पाइपलाइन नेटवर्क को मजबूत और विस्तारित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि भविष्य में जलापूर्ति प्रणाली अधिक स्थायी और प्रभावी बन सके।

उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान रूप से जलापूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग और फील्ड निरीक्षण की व्यवस्था भी लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में यह भी चर्चा की गई कि गर्मी के मौसम में कई स्थानों पर पानी की मांग अचानक बढ़ जाती है, जिससे सप्लाई पर दबाव पड़ता है। ऐसे में पहले से ही कंट्रोल रूम और शिकायत निवारण तंत्र को सक्रिय रखने पर जोर दिया गया, ताकि किसी भी समस्या का त्वरित समाधान किया जा सके।

इसके साथ ही जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने की भी बात कही गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि लोगों को पानी की बर्बादी रोकने और वर्षा जल संचयन जैसे उपायों के प्रति जागरूक किया जाए।

कुल मिलाकर विधानसभा अध्यक्ष के निर्देशों का उद्देश्य राज्य में हर नागरिक तक निर्बाध और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है। इस एक्शन प्लान के तहत टैंकर, ट्यूबवेल और पाइपलाइन व्यवस्था को मजबूत कर आने वाले समय में पेयजल संकट की स्थिति को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने की तैयारी की जा रही है।