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Ajmer में अवैध खनन से चल रही फैक्ट्रियां, ई-स्टॉक जनरेट कर लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान, रॉयल्टी ठेकेदार ने कराई FIR
 

अजमेर न्यूज़ डेस्क, अजमेर जिले के ब्यावर में फेल्सपार और क्वार्टज के अवैध खनन से कई इकाइयां चालू हैं। रॉयल्टी ठेकेदार ने वीरेंद्र मिनरल्स और अमर प्रिंकेम सहित कई संस्थाओं को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान होने का आरोप लगाते हुए सदर थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इसकी शिकायत खान एवं खनिज विभाग में भी की गई है।

हुकमनी खोठों की ढाणी- बाड़मेर निवासी मेसर्स के. आर। एसोसिएट रत्नाडा जोधपुर प्रबंधक भूराराम पुत्र भियानराम जाट ने ब्यावर सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी है और कहा है कि उनकी कंपनी के पास रायल्टी वसूली के ठेके हैं, जिसमें पूरा जिला अजमेर और पाली तहसील रायपुर शामिल है। क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर खनिज विभाग की चौकियां/जांच चौकियां हैं। जहां फर्म के कर्मचारी/लेखाकार पदस्थापित हैं। लेकिन कांखेड़ा में लहरी के आसपास फेलस्पर खनिज हैं, ब्यावर के आसपास खारवा, गोपाल सागर और इस क्षेत्र में फेलस्पर और क्वार्ट्ज की कई इकाइयां (कारखाने) स्थापित की गई हैं। इन इकाइयों में, फेलस्पर और क्वार्ट्ज को कुचल दिया जाता है और कुचल दिया जाता है।

इन फैक्ट्रियों से खनिज फेलस्पर क्षेत्र में अवैध खनन द्वारा लिया जाता है और क्षेत्र के बाहर से ही रायल्टी पेपर उत्पन्न होते हैं, ई-स्टॉक उत्पन्न होता है, जिससे लाखों रुपये की आय का नुकसान होता है। जिस स्थान से स्टॉक लिया जाता है, उस स्थान पर एक वाहन रखकर सैकड़ों टन वजन उठाया जाता है। रॉयल्टी पर नकली स्टॉक लेकर उसी स्टॉक से खनिजों को भेज दिया जाता है। फर्जी स्टॉक लेने वाली कंपनी वीरेंद्र मिनरल कानाखेड़ा और अमर प्रिंकेम कानाखेड़ा समेत कई संस्थाएं अवैध खनन के जरिए रॉयल्टी की चोरी कर रही हैं। इसलिए कार्रवाई की जानी चाहिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।