जेएलएन हॉस्पिटल में 227 संविदा नर्सिंग अधिकारियों का विरोध जारी, भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारी
जेएलएन हॉस्पिटल में प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से कार्यरत 227 संविदा नर्सिंग ऑफिसरों को हटाए जाने के विरोध में शुक्रवार को उनका धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। हटाए गए कर्मचारियों का कहना है कि अचानक निकाले जाने से उनके पेशेवर और आर्थिक हितों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
धरने में शामिल नर्सिंग अधिकारियों ने अस्पताल के मुख्य गेट पर बैठकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कुछ नर्सिंग ऑफिसर भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं, जिससे अस्पताल प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों में भी गंभीर चिंता पैदा हो गई है।
धरने के दौरान कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें कोई पूर्व सूचना दिए बिना नौकरी से हटाया गया, जबकि वे अस्पताल में लंबे समय से मरीजों की सेवा में लगे हुए थे। उनका कहना है कि प्लेसमेंट एजेंसी और अस्पताल प्रशासन दोनों ही जिम्मेदारी से बच रहे हैं और संविदा नियमों के अनुसार उनका हक नहीं दिया जा रहा।
हटाए गए कर्मचारियों की मांग है कि उनकी सेवाएं बहाल की जाएं और वे अस्पताल में अपनी नियुक्ति जारी रख सकें। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन उनकी समस्या का समाधान नहीं करता है, तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
अस्पताल प्रशासन ने मामले पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन सूत्रों के अनुसार अधिकारी कर्मचारियों से बातचीत कर समस्या का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
इस विरोध प्रदर्शन के चलते जेएलएन हॉस्पिटल में सेवाओं पर असर पड़ा है, और मरीजों तथा उनके परिजनों ने भी प्रशासन से स्थिति को जल्द नियंत्रण में लाने की अपील की है।
