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उदयपुर की झीलों और जलाशयों के संरक्षण पर हाईकोर्ट सख्त, जिला कलेक्टर से मांगी रिपोर्ट

 
उदयपुर की झीलों और जलाशयों के संरक्षण पर हाईकोर्ट सख्त, जिला कलेक्टर से मांगी रिपोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने उदयपुर की झीलों, तालाबों और अन्य जल निकायों के संरक्षण के मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लेते हुए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने इस मामले को जनहित से जुड़ा बताते हुए उदयपुर जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने झीलों और जलाशयों की वर्तमान स्थिति, उनके संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों तथा संभावित अतिक्रमण और प्रदूषण संबंधी पहलुओं पर चिंता जताई। अदालत ने उदयपुर जिला कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि वे संबंधित विभागों से समन्वय कर तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर निर्धारित समय में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करें।

उदयपुर अपनी प्राकृतिक झीलों और जल निकायों के कारण विश्वभर में पहचान रखता है। ऐसे में इन जल स्रोतों का संरक्षण पर्यावरणीय संतुलन के साथ-साथ पर्यटन और स्थानीय जल आपूर्ति की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

कोर्ट ने संकेत दिए कि झीलों और तालाबों की सुरक्षा, सफाई, जल गुणवत्ता तथा अतिक्रमण रोकने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी रिपोर्ट में शामिल की जाए। साथ ही भविष्य में संरक्षण को लेकर बनाई गई कार्ययोजना का भी विवरण प्रस्तुत करने को कहा गया है।

पर्यावरण संरक्षण से जुड़े इस मामले में हाईकोर्ट की सक्रियता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से तैयार की जाने वाली रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। मामले की अगली सुनवाई में रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई और निर्देश जारी किए जा सकते हैं।