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Rajsamand आयुर्वेद अस्पतालों में स्टाफ की कमी, दर-दर भटक रहे मरीज

 
Rajsamand आयुर्वेद अस्पतालों में स्टाफ की कमी, दर-दर भटक रहे मरीज

राजसमंद न्यूज़ डेस्क, राजसमंद आयुर्वेद पद्धति से उपचार को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार भले ही लाख दावे करे, लेकिन धरातल पर हालत कुछ और ही है। आयुर्वेदिक विभाग स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार के लिए ग्रामीणों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। देवगढ़-भीम विधानसभा क्षेत्र में स्थित 16 आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में बीते लंबे समय से स्टाफ की कमी है। ऐसे में अस्पतालो में तैनात कई डॉक्टरों को नर्स, फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारियों के कार्य करने पड़ रहे हैं। क्षेत्र में आयुर्वेद चिकित्सालयों की सुविधा शुरू तो की, लेकिन विभाग की ओर से अधिकांश चिकित्सालयों में स्टाफ की कमी ने सभी व्यवस्थाएं बिगाड़ रखी है। इन अस्पतालों में हजारों रोगी रोजाना उपचार के लिए पहुंचते हैं, लेकिन स्टाफ नहीं होने से मरीजों को कई तरह की परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। विधानसभा क्षेत्र के देवगढ़, लसानी, मियाला, महासिंहंजी का खेड़ा, दुधालिया, कुआंथल, कुन्दवा, भीम, समेलिया, कुकडा, गोदाजीका गांव, काछबली, कुकरखेडा, दिवेर, छापली एवं बाधाना में स्थित राजकीय आयुर्वेद औषधालयों में स्टाफ की कमी के चलते ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।

चार केंद्रों की अन्य जगहों से व्यवस्था

राजकीय आयुर्वेद औषधालय दुधालिया में दो दिन के लिए महासिंह जी खेडा से स्टाफ की व्यवस्था की जा रही है। वहीं दिवेर में चार दिन के लिए मियाला से कार्य व्यवस्था, कुकरखेडा में पूर्ण सप्ताह के लिए देवगढ़ से कार्य व्यवस्था एवं कुआंथल में दो दिन के लिए देवगढ से कार्य व्यवस्था की जा रही है। जिले सहित क्षेत्र के आयुर्वेद औषधालयों में रिक्त पड़े पदों को लेकर विभाग और सरकार से समय-समय पर पत्राचार किया जा रहा है साथ ही क्षेत्रीय विधायक को भी अवगत करवा दिया है।