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Rajsamand वर्षों पुरानी सिंचाई नहरों व माइनरों को मजबूत करने की जरूरत

 
Rajsamand वर्षों पुरानी सिंचाई नहरों व माइनरों को मजबूत करने की जरूरत
राजसमंद न्यूज़ डेस्क, राजसमंद क्षेत्र के कृषि व उद्यान क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की काफी अच्छी संभावना है, लेकिन इसमें सबसे बड़ी रुकावट सिंचाई के पानी व संसाधनों की है। यदि इन समस्याओं को दूर कर दिया जाए तो राजसमंद जिले के कृषि व उद्यान क्षेत्र को नई बुलंदियों पर पहुंचाया जा सकता है। मेवाड़ के इस क्षेत्र में किसानों को हाथों-हाथ शीघ्र मालामाल करने वाली फसलों के अनुकूल वातावरण होने के पश्चात भी सिंचाई के संसाधनों की कमी प्रमुख रूप से धरती पुत्रों के लिए राह का रोड़ा बना हुआ है।

कस्बे के नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में शनिवार को  टॉक शो में क्षेत्र के धरती पुत्रों ने विस्तार से चर्चा करते हुए अपने सुझाव व्यक्त किए। बताया कि जिले के अधिकांश जलाशयों, तालाबों व झील में पानी की आवक का समुचित प्रबंधन तथा सिंचाई की व्यवस्था जिसमें नहर व माईनरों की स्थिति काफी अधिक पुरानी होने के कारण इनकी दयनीय स्थिति बनी हुई है। इनको समय रहते सुधार कर लिया जाए तो पूरे जिले में खेती व उद्यानी का कार्य दिन दुगना व रात चौगुना की गति से आगे बढ सकता है।

गांव के किसानों को मिले विशेष पैकेज

किसानों ने बताया कि प्रदेश की सरकार किसानों के लिए समस्त फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को बाजार मूल्य से अधिक रखे, खाद-बीज, कीटनाशक दवाओं को सस्ती दर पर उपलब्ध कराए, कृषि व कृषि से जुडे हुए कार्य के लिए विशेष पैकेज देकर आसान ऋण उपलब्ध कराए, कृषि व उद्यान के क्षेत्र में गांव के किसानों को जोड़ने के लिए विशेष पेकेज उपलब्ध कराए, देश के पारंपरिक रोजगार कृषि व उद्यान के क्षेत्र में अमूलचूल परिवर्तन कर दिया जाए, जिसमें मुख्य रूप से वर्ष पर्यंत जलाशय पानी से लबालब रहे तथा वर्ष पर्यंत नहरों के माध्यम से सिंचाई की व्यवस्था रहे तो कृषि के माध्यम से ही आमजन को स्वरोजगार मिल सकता है।