स्वदेशी रक्षा क्षमताओं के विकास के लिए 'आत्मनिर्भरता' एक रणनीतिक आवश्यकता: वायुसेना प्रमुख
नई दिल्ली, 24 मई (आईएएनएस)। 48वें फ्लाइट टेस्ट कोर्स के ग्यारह टेस्ट पायलट और छह फ्लाइट टेस्ट इंजीनियर 23 मई को बेंगलुरु स्थित वायु सेना टेस्ट पायलट स्कूल (एएफटीपीएस) से स्नातक हुए। उन्होंने 48 सप्ताह के गहन बहु-विषयक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को पूरा किया था। इस वर्ष स्नातक होने वाले बैच में 17 अधिकारी शामिल थे, जिनमें भारतीय वायु सेना के 14 अधिकारी, भारतीय सेना के एक अधिकारी और भारतीय नौसेना के दो अधिकारी शामिल थे। अब से, ये स्नातक भारतीय वायु सेना की प्रमुख इकाइयों में से एक, विमान और प्रणाली परीक्षण प्रतिष्ठान के विमानन विंग में शामिल होंगे।
वायु सेना प्रमुख और 17वें उड़ान परीक्षण पाठ्यक्रम के एक प्रतिष्ठित पूर्व छात्र, वायु सेना प्रमुख एपी सिंह पीवीएसएम एवीएसएम ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने सभी उत्तीर्ण अधिकारियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए और मेधावी प्रदर्शन करने वालों को ट्राफियां प्रदान कीं। इस वर्ष, सर्वश्रेष्ठ सर्वांगीण छात्र परीक्षण पायलट के लिए प्रतिष्ठित 'सुरंजन दास ट्रॉफी' स्क्वाड्रन लीडर केके सिंह, वीएम को प्रदान की गई, जबकि उड़ान मूल्यांकन में सर्वश्रेष्ठ छात्र परीक्षण पायलट के लिए 'वायु सेना प्रमुख ट्रॉफी' स्क्वाड्रन लीडर आदित्य जमदग्नि को प्रदान की गई। सर्वश्रेष्ठ सर्वांगीण छात्र उड़ान परीक्षण अभियंता के लिए 'महाराजा हनुमंत सिंह तलवार' विंग कमांडर अभिनव कुमार को प्रदान की गई। उड़ान मूल्यांकन में सर्वश्रेष्ठ छात्र उड़ान परीक्षण अभियंता के लिए विंग कमांडर प्रणव शर्मा को 'डनलप ट्रॉफी' और जमीनी विषयों में सर्वश्रेष्ठ छात्र के लिए 'कपिल भार्गव ट्रॉफी' स्क्वाड्रन लीडर पारस शर्मा को प्रदान की गई।
इस अवसर पर सदन को संबोधित करते हुए वायु सेना प्रमुख ने स्नातक होने वाले अधिकारियों से निरंतर लगन और मेहनत करने का आग्रह किया और उन्हें भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता निर्माण और आधुनिकीकरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की याद दिलाई। स्वदेशी रक्षा क्षमताओं के विकास के लिए 'आत्मनिर्भरता' को एक रणनीतिक आवश्यकता बताते हुए, वायु सेना प्रमुख ने स्वदेशीकरण अभियान को बढ़ावा देने और एयरोस्पेस पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए परीक्षण दल पर आने वाली भारी जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला।
उन्होंने उपकरणों की सुरक्षा और गुणवत्ता के उच्चतम मानकों को बनाए रखते हुए डिजाइन से वितरण तक के समय चक्र को अनुकूलित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए पेशेवर दक्षता के महत्व पर भी बल दिया कि विमान और प्रणालियां सेवाओं की परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करें, साथ ही अधिकारियों से ईमानदारी, सत्यनिष्ठा, सटीकता और उत्कृष्टता के गुणों को बनाए रखने का आग्रह किया।
--आईएएनएस
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