राहुल गांधी की भविष्यवाणी पर रामदास आठवले का तंज, '2029 में भी नरेंद्र मोदी ही बनेंगे प्रधानमंत्री'
मुंबई, 24 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता अजय राय के खिलाफ दर्ज एफआईआर, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाजपा सरकार को लेकर दिए गए बयान और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता लगातार प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल करते रहते हैं, लेकिन उन्हें यह समझना चाहिए कि वह केवल एक पार्टी के नेता नहीं, बल्कि पूरे देश के प्रधानमंत्री हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहे जितनी आलोचना करे या अपमानजनक भाषा का प्रयोग करे, केंद्र सरकार विकास और प्रगति के एजेंडे पर लगातार काम करती रहेगी। प्रधानमंत्री मोदी के मजबूत नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है और सरकार का फोकस जनता के उत्थान और विकास पर कायम रहेगा।
आठवले ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी अपनी सोच और नजरिए से भविष्य की कल्पना कर रहे हैं, लेकिन उनकी भविष्यवाणियां अब तक सही साबित नहीं हुई हैं। वर्ष 2019 में कांग्रेस को केवल 44 सीटें मिली थीं, तब भी राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को सत्ता से हटाने की बात कही थी, लेकिन भाजपा ने पीएम मोदी के नेतृत्व में 303 सीटें जीतकर मजबूत सरकार बनाई थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी राहुल गांधी ने कई यात्राएं निकालीं और लगभग सभी विपक्षी दल भाजपा के खिलाफ एकजुट हुए, इसके बावजूद एनडीए सरकार सत्ता में लौटी।
उन्होंने कहा कि भाजपा की सीटें कुछ कम जरूर हुईं, लेकिन पार्टी ने कभी बोगस वोटिंग जैसे आरोप नहीं लगाए। उन्होंने राहुल गांधी पर लगातार बयानबाजी करने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि वर्ष 2029 में भी नरेंद्र मोदी ही देश के प्रधानमंत्री बनेंगे।
डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन के उस बयान पर भी रामदास आठवले ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि पहले उन्हें लगता था कि भाजपा की जीत के पीछे प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री हैं, लेकिन अब उन्हें लगता है कि इसके पीछे राहुल गांधी हैं।
आठवले ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह मजबूत इच्छाशक्ति वाले नेता हैं, जबकि राहुल गांधी लगातार अपनी राजनीतिक भूमिका बदलते रहते हैं। तमिलनाडु में कांग्रेस ने डीएमके के साथ मिलकर चुनाव लड़ा और पांच सीटें जीतीं, लेकिन टीवीके नेता विजय को सबसे ज्यादा सीटें मिलीं। आठवले ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने डीएमके से विश्वासघात करते हुए टीवीके के साथ मिलकर सरकार बना ली।
--आईएएनएस
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