पंजाब: 87 महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार विजेताओं के साथ 1,070 पदक विजेता खिलाड़ी सम्मानित
चंडीगढ़, 24 मई (आईएएनएस)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को 87 महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार विजेताओं और 1,070 पदक विजेता खिलाड़ियों को 32.05 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया।
खेल को बढ़ावा देने के सबसे बड़े अभियानों में से एक की शुरुआत करते हुए, सीएम ने राज्य के खेल इकोसिस्टम को गांवों से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक विस्तार देने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की है कि पंजाब पहली बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करेगा, जिसमें 1 नवंबर को 'पंजाब दिवस' के मौके पर भारत और पाकिस्तान के बीच हाई-वोल्टेज मैच खेला जाएगा।
पिछली सरकारों पर तंज कसते हुए सीएम मान ने कहा कि देश के लिए अनगिनत चैंपियन तैयार करने के बावजूद, पंजाब को कभी भी किसी बड़े खेल आयोजन की मेजबानी करने का मौका नहीं दिया गया। वहीं, खेल संघों पर असली खिलाड़ियों के बजाय राजनीतिक रसूख वाले लोगों का ही दबदबा बना रहा।
एक भव्य सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए सीएम मान ने कहा कि यह दिन पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक पल है, क्योंकि 87 खिलाड़ियों को प्रतिष्ठित 'महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही अलग-अलग खेलों में पदक जीतने वाले 1,070 खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया।
उन्होंने कहा, "पंजाब के इतिहास में पहली बार, सरकार ने खिलाड़ियों के बीच चेक के माध्यम से 32.05 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि वितरित की है। पंजाब सरकार ने न केवल ओलंपिक और एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को 1-1 करोड़ रुपए देकर सम्मानित किया, बल्कि पदक जीतने वाले नौ खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां भी दी हैं। पंजाब के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी उपलब्धियों से देश और राज्य का नाम बहुत रोशन किया है। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनके साथ मजबूती से खड़े रहें और यह सुनिश्चित करें कि उन्हें वह सम्मान, पहचान और सहयोग मिले जिसके वे हकदार हैं।"
सरकार के खेल विजन पर प्रकाश डालते हुए सीएम मान ने कहा कि पहली बार 220 खिलाड़ियों को टूर्नामेंट की तैयारी के लिए 8.61 करोड़ रुपए की राशि प्रदान की गई है।
उन्होंने कहा, "पंजाब सरकार ने पूरे राज्य में खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और खिलाड़ियों के विकास के लिए 2026-27 के लिए 1,763 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड खेल बजट आवंटित किया है। गांवों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को निखारने के लिए, 1,300 करोड़ रुपए की लागत से 3,148 ग्रामीण खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। ये मैदान ग्रामीण पंजाब के उभरते खिलाड़ियों के लिए मार्गदर्शक बनेंगे।"
--आईएएनएस
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