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पद्म पुरस्कार विजेताओं ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' को देश के लिए सही बताया, बोले-समय और पैसा बचेगा

बेंगलुरु, 24 मई (आईएएनएस)। पद्म पुरस्कार विजेता संगीतकार रिकी केज, वैज्ञानिक डॉ. प्रह्लाद रामाराव, योग गुरु डॉ. एचआर नागेंद्र और स्वदेशी लोक मार्शल आर्ट निर्देशक डॉ. हसन रघु ने चुनाव लागत में कमी, शासन और शिक्षा में कम व्यवधान, बेहतर कार्यकुशलता और दीर्घकालिक राष्ट्रीय विकास पर बेहतर ध्यान केंद्रित करने का हवाला देते हुए "एक राष्ट्र एक चुनाव" प्रस्ताव का समर्थन किया।
 
पद्म पुरस्कार विजेताओं ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' को देश के लिए सही बताया, बोले-समय और पैसा बचेगा

बेंगलुरु, 24 मई (आईएएनएस)। पद्म पुरस्कार विजेता संगीतकार रिकी केज, वैज्ञानिक डॉ. प्रह्लाद रामाराव, योग गुरु डॉ. एचआर नागेंद्र और स्वदेशी लोक मार्शल आर्ट निर्देशक डॉ. हसन रघु ने चुनाव लागत में कमी, शासन और शिक्षा में कम व्यवधान, बेहतर कार्यकुशलता और दीर्घकालिक राष्ट्रीय विकास पर बेहतर ध्यान केंद्रित करने का हवाला देते हुए "एक राष्ट्र एक चुनाव" प्रस्ताव का समर्थन किया।

देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'पद्म श्री' से 2025 में सम्मानित प्रसिद्ध संगीतकार और पर्यावरणविद रिकी केज ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "एक देश के निर्माण में बहुत से नागरिकों का योगदान होता है और मैं बहुत आभारी हूं कि कलाकारों और संगीतकारों को इस विशेष परामर्श के लिए आमंत्रित किया गया। मुझे लगता है कि एक राष्ट्र, एक चुनाव हर किसी को प्रभावित करता है और इस पर बहस करना बहुत महत्वपूर्ण है। एक उचित निष्कर्ष पर पहुंचना बहुत जरूरी है। मुझे लगता है कि कई कारणों से एक राष्ट्र और एक चुनाव होना वास्तव में महत्वपूर्ण है। यहां तक ​​कि सामान्य ज्ञान भी यही कहता है कि लागत कम होगी, बुनियादी ढांचे की आवश्यकता कम होगी और साथ ही अभी हर राजनेता अपने पूरे जीवनभर एक ही चुनाव लड़ रहा है। जैसे, 20 साल तक वे एक ही चुनाव लड़ते हैं क्योंकि इतने सारे छोटे-छोटे चुनाव होते रहते हैं। आज, सोशल मीडिया की वजह से अगर किसी दूसरे राज्य में चुनाव हो रहे होते हैं, तो आपका सोशल मीडिया फीड चुनाव से जुड़ी खबरों से भर जाता है और इसका असर हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। इससे हमारे व्यवहार पर भी असर पड़ता है। इसलिए मुझे लगता है कि चार से पांच साल के अंतराल में चुनाव लड़ना और नेताओं का हर चार से पांच साल में एक बार चुनाव लड़ना, और उसके बाद अपने मतदाताओं के लिए दीर्घकालिक समाधानों पर ध्यान केंद्रित करना, बहुत महत्वपूर्ण होगा और इससे हमारे देश की प्रगति में काफी मदद मिलेगी।"

पद्म पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक डॉ. प्रह्लाद रामाराव ने कहा, "मान लीजिए कि 100 पद्म पुरस्कार विजेता हैं। 100 अलग-अलग विषयों से 100 पद्म पुरस्कार विजेता। इसका मतलब है कि वे देश की आबादी के एक बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे किसी एक विषय से नहीं हैं। इसलिए, यदि सभी 100 लोग यह मानते हैं कि एक राष्ट्र, एक चुनाव (ओएनओई) सही निर्णय है, तो वास्तव में यह जनता का, आम आदमी का विचार है। यह किसी वैज्ञानिक या राजनेता का विचार नहीं है बल्कि एक आम आदमी का विचार है। हम सभी इसी भावना के साथ आए हैं। बहुमत का मानना ​​है कि ओएनओई सही समाधान है।"

पद्म पुरस्कार विजेता योग गुरु डॉ. एचआर नागेंद्र ने कहा, "प्रधानमंत्री का यह कदम बहुत अच्छा है क्योंकि हम हर समय केवल चुनाव, चुनाव, चुनाव में ही उलझे रहते हैं। हमें शासन और विकास के लिए समय का सदुपयोग करना चाहिए, ताकि सब कुछ सुचारू रूप से चल सके। इसलिए, आप पार्टी को चुनाव में शामिल करते हैं और उन्हें परिणाम दिखाने के लिए पांच साल का समय देते हैं। इस बीच, अगर वे बहुत भ्रष्ट हो जाते हैं, तो उन्हें हटाने का प्रावधान है। उन्हें वास्तविक अवसर दिया जाना चाहिए लेकिन अगर आप उन्हें केवल चुनाव, चुनाव में ही उलझाए रखेंगे, तो वे विकास कैसे कर पाएंगे? हमारा अधिकांश समय केवल चुनाव में ही बीत जाएगा, यह देखने के लिए कि आज क्या हो रहा है। मुझे लगता है कि 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' होना ही चाहिए। 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' पर सभी पद्म पुरस्कार विजेताओं को भी अपनी राय देनी चाहिए। हम सभी महसूस करते हैं कि सरकार ने यह बहुत अच्छा कदम उठाया है। मैंने जिन लोगों से बात की है, उनमें से अधिकांश लोगों का यही मत है।"

स्वदेशी लोक मार्शल आर्ट के निदेशक पद्म पुरस्कार विजेता डॉ. हसन रघु ने वन नेशन, वन इलेक्शन का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "मैं एक भारतीय हूं, भारत सरकार ने मुझे सम्मान दिया है। एक बार इलेक्शन होता है तो समय व पैसा बचेगा। बार-बार होने वाले चुनावों से छात्रों को बहुत असुविधा होती है। पांच साल में पांच इलेक्शन होंगे तो पढ़ाई काफी प्रभावित होगी? समय बहुत कीमती चीज़ है, पैसे से ज्यादा। समय बच जाता है तो आदमी को काम करने का मौका मिलता है, सरकार भी अच्छी चलती है। इसलिए वन नेशन वन इलेक्शन पूरी तरह सही है।"

--आईएएनएस

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